
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को हरिद्वार दौरे पर रहेंगे, जहां वे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत पांच लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी और विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 लोगों को नागरिकता दी जा चुकी है।
- गृह मंत्री अमित शाह का हरिद्वार दौरा, नागरिकता प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम
- सीएए के तहत नागरिकता वितरण का कार्यक्रम, सात मार्च को हरिद्वार पहुंचेंगे अमित शाह
- धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर हरिद्वार में बड़ा कार्यक्रम, शामिल होंगे अमित शाह
- पाकिस्तान-अफगानिस्तान से आए लोगों को मिल रही भारतीय नागरिकता, हरिद्वार में होगा कार्यक्रम
हरिद्वार। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड के हरिद्वार दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत पांच लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे। इन प्रमाणपत्रों के मिलने के बाद ये सभी व्यक्ति आधिकारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य सरकार और प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर गृह मंत्री राज्य सरकार के कार्यों की समीक्षा बैठक में भी शामिल होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, नागरिकता प्रमाणपत्र वितरण का यह कार्यक्रम सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन पांच लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जाने हैं, उनके नाम पहले ही राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान इन सभी को औपचारिक रूप से भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इस अधिनियम के माध्यम से ऐसे लोगों को राहत मिल रही है जो वर्षों से भारत में रह रहे हैं लेकिन कानूनी तौर पर नागरिकता प्राप्त नहीं कर सके थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सीएए के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जा चुकी है।
जनगणना निदेशालय के मुताबिक, इनमें से अधिकांश लोग 1990 के दशक में भारत आए थे, जबकि कुछ लोग 2000 से 2010 के बीच भारत पहुंचे थे। इसके अलावा बांग्लादेश से आए कई लोगों ने भी नागरिकता के लिए आवेदन किया है। अधिकारियों के अनुसार इन आवेदनों की जांच और प्रक्रिया अभी जारी है। हालांकि अभी तक बांग्लादेश से आए किसी भी आवेदक को नागरिकता प्रदान नहीं की गई है।
गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों में जुटी हुई हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही राज्य सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी की संभावना जताई जा रही है।






