
अल्मोड़ा में पारस्परिक स्थानांतरण की मांग को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर लंबे समय से मांग की अनदेखी का आरोप लगाया। मांग पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
- मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
- मिनिस्टीरियल एसोसिएशन का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
- अल्मोड़ा में PWD दफ्तर के बाहर नारेबाजी
- पारस्परिक ट्रांसफर पर निर्णय नहीं, कर्मचारी नाराज
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में लोक निर्माण विभाग (PWD) के मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) की लंबित मांग को लेकर बुधवार को कार्य बहिष्कार कर जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के आह्वान पर प्रांतीय और निर्माण खंड के कर्मचारी कार्यालय परिसर के बाहर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पारस्परिक स्थानांतरण की मांग लंबे समय से लंबित है।
कई कर्मचारियों ने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए आपसी सहमति से स्थानांतरण की प्रक्रिया को सरल और शीघ्र लागू करने की मांग की है। उनका आरोप है कि विभाग और शासन स्तर पर बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि पारस्परिक स्थानांतरण से न केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि विभागीय कार्यकुशलता में भी सुधार आएगा।
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उनका तर्क है कि आपसी सहमति से होने वाले स्थानांतरण में प्रशासन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ता, फिर भी प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें धरना, प्रदर्शन और आवश्यक होने पर प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शामिल हो सकता है।
इस मौके पर मातवर सिंह बर्तवाल, टीका सिंह खोलिया, नंद किशोर खुल्बे, भीम सिंह, शंकर सिंह नायक, रमेश सिंह मेहरा, विक्रम सिंह रूहेला, राम चंद्र पांडे, दयानंद प्रधान, धीरेंद्र सिंह, दीपक आर्या, गोपाल दत्त भट्ट और दिनेश चंद्र सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और शीघ्र निर्णय लेकर अनिश्चितता की स्थिति समाप्त करेगी। फिलहाल विभागीय कार्य आंशिक रूप से प्रभावित रहा, जबकि आंदोलन की आगे की रणनीति पर जल्द निर्णय लेने की बात कही गई है।








