
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में नशा और अपराधियों का बोलबाला है। उन्होंने भाजपा सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे को महज जुमला करार दिया।
- नशीले पदार्थों का खुलेआम हो रहा कारोबार
- महिला अपराधों पर सरकार को घेरा
- पुलिस-प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
- साधु-संतों के सम्मान को लेकर भी उठाए सवाल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में नशे और अपराधियों का सिक्का चल रहा है, जबकि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है।
अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। आए दिन बहन-बेटियों, माताओं और महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं, लेकिन सरकार और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों पर सरकार का जीरो टॉलरेंस दावा जीरो साबित हो रहा है। पुलिस बेलगाम है और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है।
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सपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह नगर गोरखपुर सहित प्रदेश के किसी भी जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऊपर से नीचे तक नशे का सिक्का चल रहा है और नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का जुमला शायद खुद ही मदमस्त होकर कहीं पड़ा हुआ है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अपराधी और माफिया बिना किसी डर के नशीला और जहरीला कारोबार चला रहे हैं और इन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। पुलिस-प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है, जिससे प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में न तो महिलाएं सुरक्षित हैं, न युवा और न ही व्यापारी।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने साधु-संतों के सम्मान को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसी एक की सत्ता का अहंकार सच्चे साधु-संतों के मान-सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता। कुंभ और माघ मेले की परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले अधिकारी साधु-संतों से आशीर्वाद लेते थे, लेकिन भाजपा शासन में हालात ऐसे हो गए हैं कि साधु-संतों को धर्मार्थ कार्यों के लिए भी अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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