
देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में बेसिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में प्रदेशभर के शिक्षकों और कर्मचारियों ने दो दिवसीय कार्यबहिष्कार और काली पट्टी बांधकर विरोध का एलान किया है। मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज हुई है। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- शिक्षा निदेशालय में बवाल के बाद प्रदेशभर में शिक्षकों का आक्रोश
- दो दिन का कार्यबहिष्कार, गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन तेज
- विधायक समर्थकों पर एफआईआर, चार आरोपी हिरासत में
- सुरक्षा की मांग को लेकर शिक्षक संगठनों ने बनाई रणनीति
देहरादून | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित ननूरखेड़ा के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में बेसिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना ने प्रदेशभर के शिक्षा विभाग में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के सभी शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने दो दिवसीय कार्यबहिष्कार का एलान किया है। साथ ही आज से प्रदेशभर के शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। शिक्षक भवन रेसकोर्स में आयोजित बैठक में उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने घटना की कड़ी निंदा की।
बैठक करीब पांच घंटे तक चली, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो 25 फरवरी से अन्य विभागीय कर्मचारी भी कार्यबहिष्कार पर चले जाएंगे। शिक्षक नेताओं गोविंद बोरा और दिगम्बर सिंह नेगी ने कहा कि जब एक वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो प्रदेश के सामान्य शिक्षक और कर्मचारी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग की।
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घटना शनिवार को उस समय हुई जब विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ एक स्कूल का नाम बदलवाने के मुद्दे पर शिक्षा निदेशक से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने कथित रूप से निदेशक के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो के आधार पर चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। साथ ही हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने न केवल शिक्षा विभाग बल्कि समूचे प्रशासनिक तंत्र में सुरक्षा और गरिमा के सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।





