
पिथौरागढ़ जिले में आठाबीसी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर समुदाय को ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की। ज्ञापन में सड़क, शिक्षा, ब्लॉक मुख्यालय स्थानांतरण और उद्यान विकास से जुड़ी कई प्रमुख समस्याओं के समाधान का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- आठाबीसी समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने की पहल
- जौरासी को विकास का केंद्र बनाने की मांग
- रुके मोटर मार्गों और वन भूमि हस्तांतरण पर उठी आवाज
- शिक्षा, सड़क और उद्यान विकास को लेकर प्रतिनिधिमंडल सक्रिय
पिथौरागढ़। जिले के आठाबीसी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से अवगत कराया तथा उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल किए जाने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समुदाय लंबे समय से आर्थिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है, जिसके कारण उन्हें सरकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में आठाबीसी समुदाय को ओबीसी श्रेणी में सूचीबद्ध करने का औपचारिक अनुरोध किया गया।
साथ ही डीडीहाट को जिला बनाए जाने की स्थिति में समुदाय के केंद्र बिंदु जौरासी में ब्लॉक मुख्यालय स्थानांतरित करने की मांग की गई, ताकि प्रशासनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ करने के लिए कई सड़क परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की। बंदरलीमा से हड़खोला होते हुए हंचीला-अजेड़ा संपर्क मार्ग के निर्माण, चर्मा-जौरासी आठ किमी मोटर मार्ग को डेढ़ लेन बनाने, जौरासी-लखतीगांव-चिटगालगांव होते हुए मुवानी को जोड़ने वाली सड़क को पूरा करने तथा जौरासी-लधड़ा-डीडीहाट मोटर मार्ग के रुके तीन किमी हिस्से के निर्माण की मांग प्रमुख रही।
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बताया गया कि इन परियोजनाओं में वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति न मिलने से कार्य लंबित है, इसलिए नोडल विभाग से शीघ्र अनुमति दिलाने का आग्रह किया गया। इसके अतिरिक्त चर्मा-जौरासी मोटर मार्ग को जम्ज्यालीगांव से महतगांव-ननकूड़ी-छाना-ढकाली होते हुए दुर्लेख-ठूलागांव में जौरासी-डीडीहाट मार्ग से लिंक करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इससे क्षेत्र के कई गांव सड़क संपर्क से जुड़ सकेंगे और आवागमन सुगम होगा। शिक्षा के क्षेत्र में अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जौरासी के लिए पृथक भवन और स्टाफ क्वार्टर निर्माण, एनसीसी की स्वीकृति, पूर्णकालिक प्रधानाचार्य और रिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।
वर्तमान में यह विद्यालय जूनियर हाईस्कूल भवन में संचालित हो रहा है। उद्यान विकास को बढ़ावा देने के लिए जौरासी से सिंगारपुर-हड़खोला-गुड़ौली तक की लगभग दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पर्वत श्रृंखला को एप्पल मिशन में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यह क्षेत्र सेब उत्पादन के लिए अनुकूल है। साथ ही कुछ अन्य इलाकों को सिट्रस फल उत्पादन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग भी रखी गई।
स्थानीय विकास से जुड़ी अन्य मांगों में धमरौली से गोबराड़ी सड़क निर्माण, लीमाभाट ग्राम पंचायत के पलायन प्रभावित मजरा मिलौरी को सड़क से जोड़ने, कीर्ति चक्र विजेता शहीद भगवान सिंह के नाम पर प्रवेश द्वार निर्माण तथा बजानी और बोराबुंगा क्षेत्रों में संपर्क मार्ग विकसित करने का आग्रह शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में जौरासी निवासी जोध सिंह बोरा, सौगांव के गोविंद सिंह, हचींला के भूपेंद्र सिंह खोलिया, लीमा के शंकर सिंह भाटिया और दुर्लेख के डॉ. होशियार सिंह बोरा शामिल थे।





