
सुनील कुमार
अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने घर का कूड़ा-करकट घर के सामने या अगल- बगल की सड़कों पर फेंकते रहते हैं। इसके बाद यह कूड़ा धीरे-धीरे ढेर बन जाता है। कूड़े के ढेरों के कारण राहगीरों का उस जगह से गुजरना भी दुशवार हो जाता है।
बाद में यही लोग प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हैं कि वह सफाई नहीं करवाता। इन ढेरों में कई तरह के कीड़े-मकोड़े इकट्ठा होने लगते हैं,सड़न के कारण दुर्गंध आने लगती है और इलाके में बीमारियां पनपने लगती हैं।
Government Advertisement...
आखिर हम क्यों नहीं समझते कि ऐसे कामों से हम अपनी ही असभ्यता साबित करते हैं, साथ ही कई जानलेवा बीमारियों को भी दावत देते हैं। अपने घर-परिवार और समाज को स्वच्छ व रोग मुक्त बनाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपने स्तर से पहल करनी होगी।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »सुनील कुमारलेखक एवं कविAddress »ग्राम : फुटहा कुआं, निकट पुलिस लाइन, जिला : बहराइच, उत्तर प्रदेश | मो : 6388172360Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
|---|








