- रामनगर में राज्य कर विभाग की छापेमारी, दो रिजॉर्ट में मिलीं वित्तीय अनियमितताएं
- भलौन रिजॉर्ट में 2025 से राज्य कर भुगतान नहीं करने का मामला, ढाई करोड़ की क्षति
- पीरूमदारा के रिजॉर्ट पर फर्जी बिल से 50 लाख के जीएसटी रिफंड दावे का आरोप
- तीन करोड़ की राजस्व क्षति सामने आने के बाद रिजॉर्ट प्रबंधन ने जमा कराए एक करोड़ रुपये
रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने रामनगर क्षेत्र के दो रिजॉर्ट में जांच के दौरान करीब तीन करोड़ रुपये की राजस्व क्षति का मामला पकड़ा है। बृहस्पतिवार को ग्राम भलौन और पीरूमदारा स्थित रिजॉर्ट में की गई जांच के दौरान जीएसटी से संबंधित प्रपत्रों, खातों और कारोबारी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। विभाग की जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद रिजॉर्ट प्रबंधन ने देर रात एक करोड़ रुपये जमा करा दिए। शेष राशि भी जल्द जमा कराने की बात कही गई है।
दो रिजॉर्ट में राज्य कर विभाग की जांच
राज्य कर विभाग की एसआईबी टीम ने बृहस्पतिवार को रामनगर के ग्राम भलौन और पीरूमदारा स्थित दो रिजॉर्ट में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की। खातों तथा अन्य प्रपत्रों की पड़ताल में दोनों रिजॉर्ट से संबंधित करीब तीन करोड़ रुपये की राजस्व क्षति सामने आई। राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रकाश ओझा ने जांच के निष्कर्षों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों रिजॉर्ट में अलग-अलग प्रकार की अनियमितताएं पाई गई हैं।
भलौन स्थित रिजॉर्ट में ढाई करोड़ की राजस्व क्षति
डिप्टी कमिश्नर विनय प्रकाश ओझा के अनुसार, ग्राम भलौन स्थित रिजॉर्ट में वर्ष 2025 से उत्तराखंड राज्य कर का भुगतान नहीं किया जा रहा था। विभाग की जांच में इस रिजॉर्ट से करीब ढाई करोड़ रुपये की राजस्व क्षति सामने आई। मामला सामने आने के बाद रिजॉर्ट प्रबंधन ने देर रात एक करोड़ रुपये तत्काल जमा करा दिए। प्रबंधन की ओर से शेष राशि भी जल्द जमा कराने की बात कही गई है। विभाग ने जांच के दौरान सामने आए वित्तीय रिकॉर्ड और कर भुगतान से संबंधित पहलुओं को आधार बनाकर कार्रवाई की।
पीरूमदारा के रिजॉर्ट में फर्जी बिल से रिफंड का दावा
जांच के दौरान पीरूमदारा स्थित दूसरे रिजॉर्ट में भी जीएसटी से संबंधित अनियमितता सामने आई। विभाग के मुताबिक, रिजॉर्ट प्रबंधन ने बिना माल की बिक्री के फर्जी बिल तैयार कर जीएसटी रिफंड के लिए 50 लाख रुपये का दावा किया था। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि रिजॉर्ट प्रबंधन को आगे इस तरह का कार्य नहीं करने की चेतावनी दी गई है। इस मामले में सामने आए दस्तावेजों और दावे से संबंधित जानकारी जांच का हिस्सा रही।
कर भुगतान और कारोबारी दस्तावेजों की जांच
राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई में जीएसटी प्रपत्रों, खातों और कारोबारी दस्तावेजों की जांच के आधार पर राजस्व क्षति का आकलन किया गया। विभाग के अनुसार, दोनों रिजॉर्ट में सामने आई अनियमितताओं की प्रकृति अलग-अलग थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक रिजॉर्ट प्रबंधन ने एक करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं और शेष राशि जल्द जमा कराने की बात कही है। विभाग की कार्रवाई से रामनगर क्षेत्र में कारोबारियों के कर भुगतान और जीएसटी संबंधी रिकॉर्ड की जांच का मामला सामने आया है।


