केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट से ऑडिन कोल होते हुए गंगोत्री जाने निकले पांच सदस्यीय ट्रैकिंग दल से संपर्क टूट गया है, जिसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें तलाश में जुटी हैं। परिजन की सूचना के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया और जमीनी स्तर पर खोज अभियान शुरू कराया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण हेलीकॉप्टर से चलाया जा रहा सर्च अभियान फिलहाल रोक दिया गया है।
- केदारनाथ-बासुकीताल रूट पर पांच ट्रैकर्स से संपर्क टूटा
- ऑडिन कोल होते हुए गंगोत्री जा रहा था दल
- एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने संभाला सर्च ऑपरेशन
- मौसम साफ होने पर फिर होगी हेली सर्च
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट पर गए पांच सदस्यीय ट्रैकिंग दल से संपर्क टूटने के बाद खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। दल की योजना ऑडिन कोल होते हुए गंगोत्री पहुंचने की थी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने और दृश्यता कम होने के कारण हेलीकॉप्टर से चलाया गया सर्च अभियान फिलहाल रोकना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग निवासी यशवंत सिंह चौहान ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को ट्रैकिंग दल से संपर्क टूटने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके भाई प्रवेश चौहान 25 सितंबर को चार अन्य साथियों के साथ केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक पर गए थे। इसके बाद दल से संपर्क नहीं हो सका। सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने पुलिस नियंत्रण कक्ष, वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर और 40वीं वाहिनी पीएसी से समन्वय किया। इसके बाद संबंधित एजेंसियों को ट्रैकर्स की तलाश के लिए सक्रिय किया गया।
लापता बताए जा रहे दल में अमित फर्सवाण, 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार, नवीन रावत, 40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग, प्रवेश चौहान, फोरेस्टर उत्तरकाशी, विवेक, निवासी जग्गी बगवान और संजय सिंह रावत, पशुपालन विभाग केदारनाथ शामिल हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून के निर्देश पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें ट्रैक रूट पर जमीनी स्तर पर तलाश कर रही हैं। टीमों द्वारा संभावित रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में खोज अभियान चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर यूकाडा के सहयोग से हेलीकॉप्टर के जरिए भी लापता ट्रैकर्स की तलाश का प्रयास किया गया, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते हवाई खोज अभियान को रोकना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार मौसम अनुकूल होने पर हेलीकॉप्टर से दोबारा सर्च अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल जमीनी रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान में जुटी हुई हैं। प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर ट्रैकिंग दल का पता लगाने और संभावित रेस्क्यू के प्रयास कर रहा है।

