
बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई एक बार फिर टल गई है और नई तारीख की पुष्टि शाम तक होने की बात कही गई है। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था के तहत बनभूलपुरा को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटकर बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, ड्रोन टीम और अन्य सुरक्षा दस्ते तैनात किए गए हैं। पुलिस ने छतों पर ईंट-पत्थर या मलबा जमा करने, हथियार रखने और सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, शाम को मिलेगी तारीख
- सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टलने के बाद बनभूलपुरा में सुरक्षा और बढ़ी
- दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा बनभूलपुरा, भारी पुलिस बल तैनात
- ड्रोन से निगरानी, पीएसी की दो कंपनियां तैनात; बनभूलपुरा में अलर्ट
हल्द्वानी। बनभूलपुरा के रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई है। मामले में याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के अनुसार, अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है। हालांकि, अगली सुनवाई की तारीख की आधिकारिक पुष्टि शाम तक होने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लेकर बनभूलपुरा में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। सुनवाई टलने के बावजूद क्षेत्र में तैनात पुलिस बल को हटाया नहीं गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा गया क्षेत्र
सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पूरे बनभूलपुरा इलाके को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था में दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर और एसओ, 10 चौकी प्रभारी, 45 पुरुष दरोगा और 10 महिला दरोगा शामिल हैं। इसके अलावा 182 हेड कांस्टेबल और सिपाही तथा 47 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
पीएसी की दो कंपनियां और ड्रोन टीम तैनात
बनभूलपुरा में पुलिस बल के साथ पीएसी की दो कंपनियां भी तैनात की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की दो विशेष टीमें भी लगाई गई हैं। एसएसपी के अनुसार, ड्रोन के माध्यम से छतों, गलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखना और किसी भी संभावित गतिविधि की जानकारी तत्काल प्राप्त करना है।
अग्निशमन और अन्य सुरक्षा दस्ते भी तैयार
सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय रखने के लिए अग्निशमन विभाग की चार यूनिट भी तैनात की गई हैं। इसके साथ ही यातायात पुलिस की चार टीमें भी क्षेत्र में व्यवस्था संभालेंगी। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस, टियर गैस टीम, एंटी-रायट दस्ता और फायरिंग स्क्वाड को भी तैयार रखा गया है। पुलिस की ओर से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
छतों पर ईंट-पत्थर जमा करने पर कार्रवाई
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी तरह की उपद्रव की तैयारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की नजर विशेष रूप से उन गतिविधियों पर रहेगी, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। पुलिस के अनुसार, यदि किसी मकान की छत पर ईंट, पत्थर, रोड़ी, मलबा या हथियार जमा किए जाते हैं और उससे उपद्रव की तैयारी का संकेत मिलता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
बनभूलपुरा मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से लोगों से अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और बिना पुष्टि किसी सूचना को आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की गई है। अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या ऐसा कोई संदेश अथवा सामग्री प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस नजर रख रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वीवीआईपी ड्यूटी से अलग रहेगा बनभूलपुरा का बल
बुधवार को हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसके चलते शहर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में वीवीआईपी मौजूद रहेंगे। ऐसे में पुलिस के सामने एक साथ दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। एक ओर बनभूलपुरा मामले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखनी है, वहीं दूसरी ओर शहर में वीवीआईपी ड्यूटी भी संभालनी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बनभूलपुरा में तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को वीवीआईपी ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा। बनभूलपुरा के लिए निर्धारित पुलिस बल केवल इसी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा।
नई तारीख की पुष्टि का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टलने के बाद अब सभी की नजर अगली तारीख पर है। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया है कि नई तारीख की पुष्टि शाम तक हो सकती है। इस बीच बनभूलपुरा में पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी, ड्रोन संचालन और क्षेत्र में चेकिंग जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी जारी रखी जाएंगी। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई की तारीख सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।





