
आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में घंटाघर पर धरना दिया। पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
- घंटाघर पर AAP का प्रदर्शन, NEET पेपर लीक पर जांच की मांग
- जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में आम आदमी पार्टी का धरना
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों से माफी की मांग को लेकर AAP का प्रदर्शन
- देहरादून में छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी आम आदमी पार्टी
देहरादून। आम आदमी पार्टी (AAP) उत्तराखंड ने बुधवार को NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में राजधानी देहरादून के घंटाघर स्थित स्वर्गीय इन्द्रमणि बड़ौनी की प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार की आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि NEET पेपर लीक से लाखों छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उनका आरोप था कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए केंद्र सरकार से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के छात्र भी इस प्रकरण से प्रभावित हुए हैं। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पांडेय, युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु पुंडीर, प्रदेश उपाध्यक्ष सुधा पटवाल, अशोक सेमवाल, डीके पाल, प्रवक्ता डी.एस. कौटिल्य, प्रदेश सचिव जितेन पंथ, मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना, शैलेश तिवारी, कमल राणा, अकेश भट्ट सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आम आदमी पार्टी उत्तराखंड पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी।





