
केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेली सेवा इस वर्ष मानसून शुरू होने से पहले ही सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गई है। डीजीसीए ने 25 जून के बाद संचालन की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते अब सितंबर में मानसून समाप्त होने के बाद ही हेलीकॉप्टर सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।
- डीजीसीए ने 25 जून के बाद नहीं दी अनुमति, सितंबर तक बंद रहेगी हेली सेवा
- मानसून के चलते केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा स्थगित, सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
- 11,800 से अधिक उड़ानों के बाद थमी केदारनाथ हेली सेवा
- गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से हेली उड़ानों पर मानसून तक लगा विराम
देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए संचालित हेली सेवा इस वर्ष मानसून की शुरुआत से पहले ही बंद कर दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 25 जून के बाद हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते केदारनाथ के लिए सभी नियमित उड़ानों पर फिलहाल विराम लग गया है। अब मानसून सीजन समाप्त होने के बाद सितंबर माह में मौसम सामान्य होने पर हेली सेवा दोबारा शुरू की जाएगी।
इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने के साथ ही हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन प्रारंभ कर दिया गया था। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने नई टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आठ हेली ऑपरेटरों का चयन किया था। गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलिपैड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ धाम पहुंचाया जा रहा था। 22 अप्रैल से 25 जून 2026 तक संचालित इस सेवा के दौरान कुल 11,800 से अधिक शटल उड़ानें संचालित की गईं।
इन उड़ानों के माध्यम से 1.37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठाकर केदारनाथ धाम के दर्शन किए। यात्रा अवधि के दौरान मौसम अनुकूल रहने पर हेली सेवा ने तीर्थयात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई। यात्रा संचालन में राजस ऐरा स्पोर्ट्स, ट्रांस भारत एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विस, पिलिग्रिमेज एविएशन, एरो एयरक्राफ्ट, चिप्सन एविएशन और थंबी एविएशन सहित आठ हेली कंपनियां शामिल रहीं। इन कंपनियों ने निर्धारित हेलिपैडों से नियमित उड़ानों का संचालन किया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सेवा प्रदान की।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि डीजीसीए ने केवल 25 जून तक ही हेली सेवा संचालन की अनुमति प्रदान की थी। मानसून के दौरान केदारघाटी में लगातार बारिश, कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से संचालन अवधि आगे नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए मौसम सामान्य होने और मानसून समाप्त होने के बाद सितंबर से हेली सेवा दोबारा शुरू की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है और उड़ान संचालन में जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में एहतियात के तौर पर सेवा को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। मौसम अनुकूल होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली सेवा पुनः नियमित रूप से संचालित की जाएगी।





