
चंपावत में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
- ‘क्या यही बेटी बचाओ?’ चंपावत मामले पर विपक्ष का हमला
- राजनीतिक संरक्षण का आरोप, कांग्रेस ने SIT जांच मांगी
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग तेज
- छात्रा से दुष्कर्म मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आक्रोश
देहरादून: चंपावत में किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्ष ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपनी एक दोस्त की मेहंदी रस्म में शामिल होने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान तीन युवकों ने उसे धारदार हथियार के बल पर धमकाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता के पिता ने एक राजनीतिक दल के मंडल उपाध्यक्ष, एक पूर्व प्रधान और एक छात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र और पूर्व प्रधान आपस में चाचा-भतीजा हैं।
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही “बेटी बचाओ” का असली चेहरा है। आर्य ने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षण मिलने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर प्रदेश में बेटियां कब सुरक्षित होंगी।
यशपाल आर्य ने सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को जल्द सख्त सजा दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस को तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संबंधों के कारण आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गोदियाल ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग भी उठाई।
इस घटना के बाद प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ है।





