
काशीपुर हत्याकांड के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहां पिता की हत्या और मां के जेल जाने से तीन बच्चों का भविष्य अधर में है। मृतक के भाई ने बच्चों की परवरिश को लेकर गहरी चिंता जताई है। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
- भाई ने बताया कैसे टूटा पूरा परिवार
- तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
- मां जेल में, बच्चों की जिम्मेदारी पर सवाल
- प्रेम प्रसंग ने छीना बच्चों का सहारा
ऊधम सिंह नगर (काशीपुर): जिले के काशीपुर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद अब सबसे बड़ा सवाल तीन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर खड़ा हो गया है। प्रेम प्रसंग में पत्नी द्वारा पति की हत्या किए जाने और उसके जेल जाने के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया है।
मृतक कुलवंत सिंह के बड़े भाई कमल ने पोस्टमार्टम हाउस में शव लेते समय दर्द भरी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कुलवंत तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और उसकी शादी करीब दस साल पहले हुई थी। उसके तीन छोटे बच्चे—यश (9), युग (7) और संध्या (3)—अब असहाय स्थिति में हैं।
परिजनों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया गया कि महिला ने पहले से योजना बनाकर अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद जहां पिता की मौत हो गई, वहीं मां जेल पहुंच गई, जिससे बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन बच्चों की देखभाल और पालन-पोषण की है। बड़े भाई कमल ने कहा कि “अब समझ नहीं आ रहा कि इन तीनों बच्चों की परवरिश कैसे होगी। भाई चला गया और भाभी जेल में है, पूरा घर उजड़ गया।”
इस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—खासतौर पर बच्चों के भविष्य, सामाजिक सुरक्षा और पारिवारिक मूल्यों को लेकर। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।





