
ऊधम सिंह नगर के ज्योली गांव में वन्यजीव के हमले में महिला की मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया। घटना का दर्द तब और बढ़ गया जब उसी दिन उसकी शादी की 26वीं सालगिरह थी। खुशियों का दिन अचानक शोक में बदल गया और पूरे गांव को भावुक कर गया।
- खुशियों का दिन बना गम, सालगिरह पर पत्नी को दी अंतिम विदाई
- ज्योली गांव में दर्दनाक हादसा, वन्यजीव के हमले में महिला की मौत
- 25 साल का साथ टूटा, भावुक कर देने वाली घटना
- गांव में शोक की लहर, असमय मौत से टूटा परिवार
ऊधम सिंह नगर: जिले के ज्योली गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। वन्यजीव के हमले में एक महिला की मौत हो गई, लेकिन इस घटना को और भी मार्मिक बना देने वाला संयोग यह रहा कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन उसकी शादी की 26वीं सालगिरह भी थी। खुशियों का यह दिन देखते ही देखते गहरे मातम में बदल गया।
मृतका की पहचान हेमा पांडे के रूप में हुई है, जो अपने पति दया किशन पांडे के साथ पिछले 25 वर्षों से वैवाहिक जीवन बिता रही थीं। हर साल उनकी शादी की सालगिरह परिवार के लिए उत्सव का दिन होती थी, लेकिन इस बार किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। बृहस्पतिवार को जब यह दुखद घटना घटी, तो दया किशन को अपनी जीवनसंगिनी को उसी दिन अंतिम विदाई देनी पड़ी, जिस दिन उन्होंने कभी सात फेरों के साथ साथ निभाने का वादा किया था।
परिजनों के अनुसार, दया किशन पांडे अपनी पत्नी के पार्थिव शरीर के सामने बेहद भावुक नजर आए। उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा था। यह दृश्य देख गांव के अन्य लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। ग्राम प्रधान शेखर चंद्र भट्ट ने बताया कि इस दुखद संयोग ने पूरे गांव को भावुक कर दिया है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
हेमा पांडे की असमय मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। लोग इस घटना को याद कर यही कह रहे हैं कि अगर वह आज जीवित होतीं, तो घर में खुशियों का माहौल होता, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
यह घटना पहाड़ी और वन क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को भी उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





