
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर ही 5.18 लाख से अधिक श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 1.73 लाख से ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ धाम के लिए हुए हैं।
- 19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा
- केदारनाथ के लिए 1.73 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
- 17 अप्रैल से शुरू होगा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
- इस साल भी यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
देहरादून। उत्तराखंड में अगले महीने शुरू होने वाली Char Dham Yatra को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होने के महज एक सप्ताह के भीतर ही 5.18 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इनमें सबसे अधिक पंजीकरण Kedarnath Temple के लिए दर्ज किए गए हैं। राज्य सरकार के अनुसार इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Uttarakhand Tourism Department ने 6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। एक सप्ताह के भीतर ही पंजीकरण का आंकड़ा पांच लाख से अधिक हो जाना यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं के उत्साह को दर्शाता है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक Kedarnath Temple के लिए 1,73,157 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है, जो सभी धामों में सबसे अधिक है।
इसके अलावा Badrinath Temple के लिए 1,52,478, Gangotri Temple के लिए 97,622 और Yamunotri Temple के लिए 95,606 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह आंकड़े केवल ऑनलाइन पंजीकरण के हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इसके लिए Haridwar, Rishikesh, नया गांव और Herbertpur समेत विभिन्न स्थानों पर करीब 50 पंजीकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के लिए लगभग 70 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया था, जबकि चारों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 49 लाख रही थी।
इस बार भी शुरुआती रुझानों को देखते हुए यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के पर्यटन मंत्री Satpal Maharaj ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।







