
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के चिरली गांव में UPSI की तैयारी कर रही 16 वर्षीय छात्रा का शव बंद कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मौत के कारणों पर रहस्य बना हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- प्रयागराज में रहकर दरोगा बनने की कर रही थी तैयारी
- मां ड्यूटी से लौटी तो कमरे में लटका मिला शव
- पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- साढ़ थाना क्षेत्र के चिरली गांव की घटना
कानपुर | उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां दरोगा (UPSI) बनने का सपना देख रही एक छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना साढ़ थाना क्षेत्र के चिरली गांव की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, चिरली गांव निवासी परवेश दिवाकर की 16 वर्षीय पुत्री सेजल उर्फ काजल इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के साथ-साथ यूपीएसआई परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी और पुलिस सेवा में जाने का सपना संजोए हुए थी।
बताया गया कि वह मंगलवार को ही प्रयागराज से अपने गांव लौटी थी। गुरुवार सुबह वह अपनी मां विमला, जो आंगनबाड़ी सहायिका हैं, को केंद्र छोड़ने गई थी। घर लौटने के बाद सेजल ऊपर के कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। दोपहर में जब उसकी मां ड्यूटी से वापस लौटीं तो उन्होंने कमरे का दरवाजा बंद पाया। काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देख परिजनों के होश उड़ गए।
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छात्रा का शव पंखे से लटकता मिला। परिवार में कोहराम मच गया और सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस बना हुआ है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिवार के अनुसार, सेजल पढ़ाई में होनहार थी और पुलिस सेवा में जाकर समाज की सेवा करना चाहती थी। अचानक उठाए गए इस कदम से परिजन स्तब्ध हैं और पूरे गांव में शोक का माहौल है।







