
Uttarakhand में नए शिक्षा सत्र से पहले 9.73 लाख छात्र-छात्राओं को 82 लाख से अधिक मुफ्त किताबें वितरित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक Mukul Kumar Sati के अनुसार 28 मार्च तक सभी सरकारी और अशासकीय स्कूलों में किताबें पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार विभाग ने सत्र शुरू होने से पहले ही वितरण सुनिश्चित करने की तैयारी की है।
- नए सत्र से पहले छात्रों को मिलेंगी किताबें
- पहली बार समय से पहले होगा मुफ्त पुस्तकों का वितरण
- कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
- शिक्षा विभाग ने तय की 28 मार्च की डेडलाइन
देहरादून। प्रदेश Uttarakhand में पहली बार नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले छात्र-छात्राओं को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। शिक्षा विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि 28 मार्च तक सभी सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक Mukul Kumar Sati ने बताया कि इस वर्ष कुल 9.73 लाख छात्र-छात्राओं को 82 लाख से अधिक मुफ्त किताबें वितरित की जानी हैं।
इनमें कक्षा एक से आठवीं तक के 6.29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 43.78 लाख किताबें दी जाएंगी, जबकि कक्षा नौ से 12वीं तक के 3.44 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 38.67 लाख से ज्यादा पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। हर वर्ष देखने में आता था कि शिक्षा सत्र शुरू होने के कई महीनों बाद तक छात्रों को किताबें नहीं मिल पाती थीं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। कई बार छात्र-छात्राओं को छह से सात महीने तक इंतजार करना पड़ता था।
इस स्थिति को सुधारने के लिए विभाग ने इस बार अग्रिम योजना बनाते हुए समयबद्ध वितरण की रणनीति तैयार की है। किताबों का वितरण ब्लॉक और जिला स्तर पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो। स्कूल स्तर पर भी निगरानी की व्यवस्था की जा रही है, ताकि छात्रों को सत्र के पहले दिन से ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो सकें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि समय पर किताबें मिलने से छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। यह पहल सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





