
चमोली में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 108 एम्बुलेंस सेवा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी Char Dham Yatra को देखते हुए सभी एम्बुलेंस की फिटनेस जांच और रिस्पॉन्स टाइम सुधारने के निर्देश दिए गए। जनपद में वर्तमान में 22 एम्बुलेंस संचालित हैं तथा तीन अतिरिक्त एम्बुलेंस की मांग शासन को भेजी गई है। अधिकारियों को जीपीएस मॉनिटरिंग, फिटनेस चार्ट और डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया।
- चारधाम यात्रा को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट, एम्बुलेंस व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
- चमोली में 22 एम्बुलेंस संचालित, तीन और वाहनों की मांग शासन को भेजी
- रिस्पॉन्स टाइम सुधारने और जीपीएस मॉनिटरिंग के निर्देश
- प्रत्येक एम्बुलेंस में मोबाइल, टैबलेट और फिटनेस चार्ट रखने के आदेश
चमोली। जनपद चमोली में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी Gaurav Kumar की अध्यक्षता में 108 एम्बुलेंस सेवा की संचालन स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी Char Dham Yatra को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में वर्तमान में कुल 22 एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं।
प्रत्येक विकासखण्ड में दो से तीन एम्बुलेंस तैनात की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि यात्रा सीजन के दौरान संभावित मरीजों और दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए तीन अतिरिक्त एम्बुलेंस की मांग शासन को भेजी गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी एम्बुलेंस का फिटनेस परीक्षण आरटीओ कर्णप्रयाग के माध्यम से अनिवार्य रूप से कराया जाए और उसका फिटनेस चार्ट कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए।
Government Advertisement...
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस प्रमाणन के किसी भी वाहन को संचालन में न रखा जाए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने एम्बुलेंसों के रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाने पर जोर दिया। प्रत्येक एम्बुलेंस के कॉल रिस्पॉन्स समय का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने तथा उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी एम्बुलेंस में जीपीएस प्रणाली सक्रिय होनी चाहिए और उसका लॉग-इन एक्सेस मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि वास्तविक समय में निगरानी की जा सके।
डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रत्येक एम्बुलेंस में मोबाइल फोन और टैबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे मरीजों का डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और आपातकालीन समन्वय बेहतर ढंग से किया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य कोषाधिकारी मामूर जहां सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।






