
सरेनी विकास खंड में ‘हमारा आँगन हमारे बच्चे’ कार्यक्रम का आयोजन कर 5 से 8 वर्ष के बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में आँगनबाड़ी और विद्यालय के समन्वय, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा टीएलएम प्रदर्शनी के माध्यम से शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने की पहल की गई।
- निपुण भारत मिशन को सशक्त बनाने की पहल
- सरेनी में बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर जोर
- आँगनबाड़ी और विद्यालय के समन्वय से मजबूत होगी नींव
- गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा
रायबरेली| सरेनी विकास खंड में आज हमारा आँगन हमारे बच्चे कार्यक्रम का सफल आयोजन बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य 5 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (निपुण भारत मिशन) को सुदृढ़ करना तथा आँगनबाड़ी एवं विद्यालय के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार यादव एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी संजय सिंह रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र नाथ द्विवेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आँगनबाड़ी कार्यकर्त्रियाँ, नोडल शिक्षक संकुल, नोडल शिक्षक तथा निपुण बच्चे (5–8 वर्ष) बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अकादमिक सहयोग अकादमिक रिसोर्स पर्सन प्रकाश द्विवेदी एवं नवनीत कुमार शुक्ल द्वारा प्रदान किया गया, जबकि की-रिसोर्स पर्सन श्री आनंद प्रकाश तिवारी एवं श्री यज्ञ दत्त शुक्ल ने शिक्षण गतिविधियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना पीएम श्री विद्यालय धुरेमऊ के छात्राओं द्वारा शिक्षिका दीपिका शुक्ला व नीलम सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत की गई। नोडल शिक्षक संकुल — सचिन, सूरज, सुरेंद्र, अभिषेक, आशीष राज, मुकेश, अमित, सूर्य प्रकाश, रमाकांत तथा शिक्षकगण दीपिका शुक्ला, कीर्ति, विभा, पूनम, अंशू, गीता आदि ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
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कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों द्वारा भाषा एवं गणित आधारित गतिविधियाँ, खेल-आधारित शिक्षण, अक्षर-पहचान, संख्याज्ञान, कहानी-कथन तथा समूहगत गतिविधियाँ कराई गईं। साथ ही कार्यक्रम में टी.एल.एम. (Teaching Learning Material) मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों एवं आँगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों द्वारा स्वयं निर्मित शिक्षण-सामग्री जैसे फ्लैश कार्ड, गणितीय खेल, शब्द-पहचान चार्ट, संख्या-पहिया, गतिविधि-बोर्ड आदि का प्रदर्शन किया गया। अतिथियों ने टीएलएम प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिक्षकों के नवाचारी प्रयासों की सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने कहा कि आँगनबाड़ी एवं विद्यालय के संयुक्त प्रयास से बच्चों की सीखने की नींव मजबूत होगी तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह पहल महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। खंड शिक्षा अधिकारी श्री वीरेंद्र नाथ द्विवेदी ने सभी शिक्षकों एवं कार्यकर्त्रियों को गतिविधि-आधारित शिक्षण को नियमित रूप से अपनाने तथा अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन बच्चों को प्रोत्साहन में लर्निंग किट प्रदान कर तथा सामूहिक संकल्प के साथ किया गया कि प्रत्येक बच्चा पढ़ना-लिखना और गणना करना सीखकर निपुण बने।








