
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के समक्ष वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दर निर्धारण संबंधी याचिकाएं प्रस्तुत की गई हैं, जिन पर आम उपभोक्ताओं के सुझाव लेने हेतु राज्यभर में जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में 18 फरवरी को कर्णप्रयाग में जनसुनवाई आयोजित होगी, जिसमें उपभोक्ताओं से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है। आयोग ने उपभोक्ताओं से अपने सुझाव और मत प्रस्तुत कर प्रक्रिया में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
- बिजली दर निर्धारण पर उपभोक्ताओं से सुझाव मांगे
- कर्णप्रयाग में 18 फरवरी को विद्युत टैरिफ पर जनसुनवाई
- वर्ष 2026-27 की बिजली दरों पर आयोग करेगा जनमत संग्रह
- बिजली दरों के मुद्दे पर उपभोक्ताओं को मिला सुझाव देने का अवसर
चमोली। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के समक्ष वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों के निर्धारण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयोग के सचिव नीरज सती ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL), उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (PTCUL) तथा यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा क्रमशः विद्युत वितरण, पारेषण और उत्पादन की टैरिफ दरों के निर्धारण हेतु याचिकाएं आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई हैं।
इन याचिकाओं पर आम विद्युत उपभोक्ताओं के सुझाव और मत प्राप्त करने के उद्देश्य से आयोग द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर जनसुनवाई आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। जनसुनवाई प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली दरों के निर्धारण से जुड़ी प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा सके।
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इसी क्रम में आयोग द्वारा चमोली जनपद के कर्णप्रयाग स्थित क्षेत्र पंचायत सभागार में 18 फरवरी को जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह जनसुनवाई प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी एवं आयोग के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ता सीधे आयोग के समक्ष अपने सुझाव, शिकायतें और विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।
नीरज सती ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जनसुनवाई में उपस्थित होकर बिजली दरों के निर्धारण से संबंधित प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के सुझाव आयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं और इससे पारदर्शी तथा जनहितकारी निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
विद्युत दरों का निर्धारण आम जनता के दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव डालता है, इसलिए इस प्रक्रिया में जनसहभागिता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और व्यावहारिक टैरिफ संरचना निर्धारित करना है, जिससे विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
राज्य में आयोजित की जा रही जनसुनवाई के माध्यम से बिजली दरों से संबंधित मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।





