
टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तानाशाह बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान के आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी वादों की वास्तविकता को लेकर सरकार को घेरा। जाधवपुर से सांसद का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है।
- सायोनी घोष ने मोदी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
- ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान पर टीएमसी सांसद का हमला
- महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार घिरी
- सायोनी घोष के बयान से तेज हुई राजनीतिक बहस
राज शेखर भट्ट
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद घोष ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी को तानाशाह बताते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली और योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हो रहा है। सायोनी घोष ने विशेष रूप से केंद्र सरकार के प्रमुख अभियान ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ की सफलता को लेकर सवाल उठाया।
Government Advertisement...
उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना की उपलब्धियों के ठोस आंकड़े सार्वजनिक करे और बताए कि इस अभियान से वास्तव में कितना बदलाव आया है। उनके अनुसार, सरकार की कई योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित रह जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती। टीएमसी सांसद ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आम जनता लगातार बढ़ती कीमतों के बोझ से परेशान है, जबकि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है।
इसके साथ ही उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती है। सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व में किए गए वादों और बयानों को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अपने दावों की वास्तविकता पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है।
उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां विपक्षी दल इसे सरकार की नीतियों पर वैध सवाल बता रहे हैं, वहीं भाजपा और उसके समर्थक इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है, जिसमें लोग विभिन्न दृष्टिकोणों से अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सायोनी घोष का यह बयान देश में चल रही राजनीतिक बहस, सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता और वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।









1 thought on “सायोनी घोष का मोदी सरकार पर तीखा हमला”