
बागवानी केवल एक शौक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आमदनी का सशक्त माध्यम भी है। घर के पास सब्जियाँ या फूल उगाकर व्यक्ति अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर सकता है। थोड़े परिश्रम और नियमित देखभाल से यह शौक स्थायी रोजगार का रूप ले सकता है।
- बागवानी : प्रकृति से जुड़कर कमाई का जरिया
- शौक जो दिल को सुकून और जेब को भरता है
- घर की जमीन से आत्मनिर्भरता की राह
- सब्जी और फूलों की खेती से बढ़ती आय
सुनील कुमार माथुर
हर व्यक्ति के अलग-अलग शौक होते हैं। किसी को चित्रकारी, किसी को लेखन, किसी को खेलकूद, किसी को बागवानी तो किसी को संगीत का शौक होता है। ऐसे अनेक विषय हैं जिनके जरिए लोग अपने शौक पूरे करते हैं। इसमें बागवानी भी एक अच्छा शौक है, जिसके जरिए आप जहाँ एक ओर अपना शौक पूरा कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर इस महँगाई के दौर में धनोपार्जन भी कर सकते हैं।
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आप जब भी अपना मकान बनाएँ, तब बागवानी के लिए कुछ जमीन अवश्य ही छोड़ें और वहाँ मौसम के अनुसार सब्जियाँ उगाएँ तथा उन्हें अपने ही मोहल्ले में, आसपास के इलाके में बेचकर आत्मनिर्भर होने के साथ ही साथ अपना शौक भी आसानी से पूरा कर सकते हैं। मीठे पानी की ताज़ा सब्जियाँ अपने ही घर के पास आसानी से उपलब्ध होने से हर कोई खरीदने के लिए उत्सुक रहता है।
अगर आप चाहें तो गुलाब के पुष्प भी उगाकर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। यह शौक ऐसा शौक है जो समय माँगता है, तो आपको बदले में एक अच्छी-खासी कमाई भी देता है। हाँ, बागवानी का काम शुरू करने में आपको आरम्भ में भले ही थोड़ा अधिक श्रम व कठिन मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन बाद में तो यह आपकी एक दिनचर्या-सी बन जाएगी और आमदनी का जरिया भी। हाँ, तो अब आप ही बताइए कि यह शौक आम का आम व गुठलियों का दाम है कि नहीं।
सुनील कुमार माथुर
सदस्य, अणुव्रत लेखक मंच एवं
स्वतंत्र लेखक व पत्रकार
33, वर्धमान नगर, शोभावतों की ढाणी,
खेमे का कुआँ, पाल रोड, जोधपुर, राजस्थान





