
रुद्रप्रयाग जिले के सिंद्रवाणी क्षेत्र में गुलदार ने मां के हाथ से पांच साल के बच्चे को खींच लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और बच्चे की तलाश जारी है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आठ स्कूलों और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है।
- सिंद्रवाणी गांव में जंगल से सटे क्षेत्र में हमला
- आंगनबाड़ी केंद्रों में भी दो दिन का अवकाश
- ग्रामीणों और प्रशासन का संयुक्त सर्च ऑपरेशन
- बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष पर उठे सवाल
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में मानव–वन्यजीव संघर्ष की एक और भयावह घटना सामने आई है। तहसील रुद्रप्रयाग के न्याय पंचायत सारी अंतर्गत सिंद्रवाणी गांव में मंगलवार को गुलदार ने दिनदहाड़े एक पांच वर्षीय बच्चे को उसकी मां के हाथ से झपट कर जंगल की ओर खींच लिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार, बच्चा अपनी मां के साथ घर के आंगन में था।
तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। मां कुछ समझ पाती, इससे पहले ही गुलदार बच्चे को मुंह में दबाकर जंगल की ओर भाग गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ नहीं कर सके। घटना के बाद प्रशासन और ग्रामीणों ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। वन विभाग, ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि बच्चे की तलाश में जंगलों में जुटे हुए हैं। हालांकि, देर शाम तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग सका है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
Government Advertisement...
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के आठ विद्यालयों में चार और पांच फरवरी को अवकाश घोषित कर दिया है। इनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमसील, सारी, सिंद्रवाणी, झालीमठ, छिनका, हिलोरीधार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छिनका और जनता हाई स्कूल ककोड़ाखाल शामिल हैं। इसके साथ ही इन विद्यालयों के आसपास संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी दो दिनों के लिए बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां पिछले कुछ समय से बढ़ी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मानव और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से स्थायी और प्रभावी समाधान की मांग की है। फिलहाल पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा छा जाता है। ग्रामीण प्रशासन से गुलदार को पकड़ने, गश्त बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।






