
जौनपुर के तरियारी गांव में धर्म परिवर्तन की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग बीमारी ठीक करने और लाभ दिलाने का लालच देकर लोगों का ब्रेन वॉश कर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे। पुलिस ने मौके से धार्मिक साहित्य बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- बीमारी ठीक करने के नाम पर किया जाता था ब्रेन वॉश
- तरियारी गांव में छापेमारी, 30 से अधिक लोग हिरासत में
- धर्म प्रचार सामग्री और ग्रंथ बरामद
- 35 दिन में जिले में धर्म परिवर्तन के पांच मामले सामने आए
जौनपुर। जौनपुर जिले में धर्म परिवर्तन के मामलों पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। ताजा मामला तरियारी गांव से सामने आया है, जहां बीमारी ठीक होने, मान-सम्मान और आर्थिक लाभ का लालच देकर लोगों का ब्रेन वॉश कर ईसाई धर्म अपनाने का आरोप लगा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चालान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, रविवार को तरियारी गांव में एक घर पर धर्म परिवर्तन की गतिविधि चल रही थी।
विश्व हिंदू परिषद के सत्संग प्रमुख प्रखंड का कार्य देखने वाले संत राम जनम नागर बाबा की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान गांव सहित आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आए 30 से अधिक महिला-पुरुषों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बीमारी ठीक करने और भविष्य संवारने का झांसा देकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। आरोप है कि लोगों को बताया जा रहा था कि ईसाई धर्म अपनाने से हर प्रकार का लाभ मिलेगा, जबकि प्रार्थना न करने पर पूरे परिवार के बीमार होने की धमकी भी दी जाती थी।
Government Advertisement...
लालच और डर के जरिए लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया जा रहा था। पुलिस जांच के बाद अजय कुमार, राजबली राम, दिवाकर और अवधेश को गिरफ्तार किया गया। मौके से एक धर्म प्रचार पोस्टर, 26 धर्मग्रंथ, छह धार्मिक शास्त्र, नया विधान सहित अन्य धार्मिक सामग्री भी बरामद की गई है। केराकत कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि जौनपुर जिले में बीते 35 दिनों के भीतर धर्म परिवर्तन के पांच मामले सामने आ चुके हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं में गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को आसान लक्ष्य बनाया गया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






