
आगरा के लोहामंडी क्षेत्र में सराफा कारोबार से जुड़े लेनदेन विवाद ने गंभीर आपराधिक रूप ले लिया। बकाया माल की मांग करने पर एक कारोबारी के साथ मारपीट और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगा है। पुलिस द्वारा पहले कार्रवाई न करने पर न्यायालय के आदेश से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
- 12.44 लाख के बकाया को लेकर बढ़ा विवाद
- आरटीजीएस से 10.35 करोड़ भुगतान का दावा
- पुलिस की निष्क्रियता पर न्यायालय की शरण
- लोहामंडी पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
आगरा। लोहामंडी थाना क्षेत्र में सराफा कारोबार से जुड़े करोड़ों रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद अब गंभीर आपराधिक मामले में तब्दील हो गया है। बकाया माल की मांग करना एक सराफा कारोबारी को महंगा पड़ गया। पीड़ित ने न केवल मारपीट बल्कि जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का भी आरोप लगाया है। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जीवनी मंडी निवासी आशीष कुमार, जो अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं, किनारी बाजार में बाल किशन इंडस्ट्रीज के नाम से सोने-चांदी का कारोबार करते हैं।
उन्होंने बताया कि आवास विकास कॉलोनी निवासी रोहित कुमार झा भी सराफा व्यापार से जुड़े हुए हैं और दोनों के बीच लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन चल रहा था। आशीष कुमार के अनुसार, आभूषणों की खरीद के लिए उन्होंने विभिन्न तिथियों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके बदले उन्हें 10 करोड़ 22 लाख 55 हजार 998 रुपये मूल्य का माल प्राप्त हुआ, लेकिन 12 लाख 44 हजार रुपये मूल्य का माल अब तक नहीं दिया गया।
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पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार मौखिक रूप से शेष माल देने का अनुरोध किया, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अंततः 21 दिसंबर 2025 को जब वे लोहामंडी क्षेत्र में बकाया माल की मांग करने पहुंचे, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान रोहित कुमार झा, उनके भाई मोहित, कर्मचारी जगन चौधरी और कुछ अज्ञात लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।
घटना के बाद आशीष कुमार ने लोहामंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस द्वारा तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। इस संबंध में इंस्पेक्टर लोहामंडी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता और समय पर निपटान न होने पर विवाद किस तरह आपराधिक रूप ले सकता है। साथ ही जातिगत टिप्पणी और मारपीट के आरोप मामले को और गंभीर बना देते हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों की सच्चाई क्या है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।








