
अमेठी में एआई तकनीक का दुरुपयोग कर एक छात्रा को साइबर ब्लैकमेल किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने फर्जी अश्लील तस्वीरें बनाकर परिवार को भेजने की धमकी देते हुए रुपये की मांग की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंपी है।
- अमेठी में साइबर अपराधियों का नया हथकंडा, एआई से ब्लैकमेलिंग
- पहले भेजे पैसे, फिर धमकी देकर मांगे हजारों रुपये
- एआई तकनीक से छात्रा की छवि खराब करने की साजिश
- साइबर सेल को सौंपी गई जांच, अज्ञात आरोपियों की तलाश
अमेठी। जिले में साइबर अपराध का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर एक छात्रा को मानसिक प्रताड़ना और साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया गया। यह मामला न केवल डिजिटल सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल के बढ़ते खतरे को भी उजागर करता है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अमेठी जिले के एक गांव की रहने वाली है और वर्तमान में लखनऊ में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी की तैयारी कर रही है। कुछ दिन पहले उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से 1200 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद कॉल कर आरोपी ने गलती से पैसे भेजे जाने की बात कहते हुए दो हजार रुपये वापस करने का दबाव बनाया, जिसे छात्रा ने सद्भावना में भेज दिया।
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इसके बाद मामला गंभीर हो गया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों से छात्रा को लगातार फोन कॉल और मैसेज आने लगे। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने एआई तकनीक की मदद से छात्रा की फर्जी और अश्लील तस्वीरें तैयार कर लीं। इन तस्वीरों को उसके परिवारजनों और परिचितों को भेजने की धमकी देकर उससे लगातार पै जानों की मांग की जाने लगी।
लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के चलते छात्रा बुरी तरह भयभीत हो गई। मानसिक रूप से परेशान पीड़िता ने अंततः साहस जुटाकर पूरे मामले की जानकारी अपने परिवार को दी। इसके बाद परिजनों के साथ वह पुलिस के पास पहुंची और घटना की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
कोतवाल रवि कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता को साइबर सेल भेजा गया है, जहां तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एआई तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग का उदाहरण है और आम लोगों को डिजिटल लेन-देन व सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी स्तर पर जांच तेज कर दी गई है।
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