
चकराता के लोखंडी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण 80 पर्यटक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से फंस गए थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग खोले जाने के बाद सभी पर्यटक सकुशल अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
- भारी बर्फबारी से त्यूणी–चकराता मार्ग 30 किमी तक रहा बाधित
- लोक निर्माण विभाग की मशक्कत से सोमवार शाम खुला मार्ग
- लोखंडी में कई दिनों तक होटल में रुके रहे पर्यटक
- शीतकालीन पर्यटन के साथ आपदा प्रबंधन की परीक्षा
चकराता (विकासनगर)। उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चकराता क्षेत्र में स्थित लोखंडी में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण करीब 80 पर्यटक कई दिनों तक फंसे रहे। शुक्रवार को अचानक हुई तेज बर्फबारी ने त्यूणी–चकराता–मसूरी–मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे क्षेत्र में जनजीवन के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियाँ भी प्रभावित हो गईं।
बताया जा रहा है कि 22 जनवरी को बड़ी संख्या में पर्यटक लोखंडी भ्रमण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान शुक्रवार को क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग तीन फीट तक बर्फ जम गई। कोटीकनासर से चकराता तक लगभग 30 किलोमीटर लंबा मोटर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे पर्यटकों के वाहन रास्ते में ही फंस गए।
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मार्ग बंद होने के कारण पर्यटकों को स्थानीय होटलों में रुकना पड़ा। होटल व्यवसायी लिखिलेश चौहान और रोहन राणा के अनुसार, पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया। होटल प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को भोजन, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या अव्यवस्था नहीं हुई।
सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और लगातार कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार शाम को बर्फ हटाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। मार्ग खुलते ही मंगलवार सुबह सभी 80 पर्यटक अपने-अपने घरों के लिए सुरक्षित रवाना हो गए।
इस घटना ने एक बार फिर शीतकालीन पर्यटन के दौरान सड़क प्रबंधन और आपदा तैयारियों की अहमियत को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि बर्फबारी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।






