
उत्तराखंड के उच्च हिमालीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। डीजीआरई ने चार जिलों को डेंजर लेवल-3 और बागेश्वर को लेवल-2 श्रेणी में रखा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।
- डीजीआरई ने जारी किया हिमस्खलन पूर्वानुमान
- उत्तरकाशी, चमोली समेत चार जिलों में विशेष सतर्कता
- एसडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट निर्देश
- यात्रियों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील
देहरादून। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी को देखते हुए हिमस्खलन (एवलांच) की गंभीर आशंका जताई गई है। रक्षा भू- सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने उच्च हिमालीय जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जिसके बाद राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। डीजीआरई द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों को डेंजर लेवल-3, जबकि बागेश्वर जिले को डेंजर लेवल-2 की श्रेणी में रखा गया है।
इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की स्थिति में हिमस्खलन और एवलांच की घटनाएं होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि 24 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा, लेकिन इसके बावजूद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। यही कारण है कि हिमस्खलन का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। डीजीआरई की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य रेखीय विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी किए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और पर्वतीय मार्गों से गुजरने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। प्रशासन ने हिमस्खलन से बचाव के लिए लोगों को सलाह दी है कि चेतावनी अवधि के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही ऊंचाई वाले बर्फीले क्षेत्रों में जाएं।
पुराने एवलांच प्रभावित इलाकों, ढलानों और संवेदनशील स्थलों से दूरी बनाए रखें। यदि किसी कारणवश अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्र में फंसे हों, तो अस्थायी रूप से निचले और सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित हो जाएं। इसके साथ ही लोगों को मोबाइल फोन, पावर बैंक, टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक दवाइयां अपने पास रखने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए जारी एडवाइजरी और अलर्ट का पालन करना सभी के हित में है।








