
इंदौर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिंदी कवि व पत्रकार दामोदर विरमाल ने दिव्यांग एवं मूकबधिर बच्चों को सोशल मीडिया, साइबर सुरक्षा और डिजिटल जीवनशैली पर मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल उपयोग और आजीविका के अवसरों से जोड़ना रहा।
- श्री विश्वामित्र शिक्षण संस्थान की पहल, दिव्यांग विद्यार्थियों को सशक्त बनाने का प्रयास
- एसबीआई फाउंडेशन की सीएसआर शाखा समाज के कमजोर वर्गों के लिए कर रही कार्य
- सोशल मीडिया के लाभ–हानि और साइबर अपराध पर दी गई व्यावहारिक जानकारी
- विद्यांजलि भारत मंच के माध्यम से वर्षों से चल रहा जागरूकता अभियान
इंदौर। भारतीय स्टेट बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व शाखा एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से श्री विश्वामित्र शिक्षण संस्थान, इंदौर द्वारा एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से दिव्यांग एवं मूकबधिर बच्चों को समर्पित रहा, जिसमें उन्हें सोशल मीडिया के अनुभव, साइबर सुरक्षा तथा युवाओं की आजीविका से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात हिंदी कवि एवं वरिष्ठ पत्रकार दामोदर विरमाल को आमंत्रित किया गया। उन्होंने सरल और संवादात्मक शैली में बच्चों को सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, उसके संभावित दुष्प्रभाव, साइबर अपराध के विभिन्न प्रकार और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही मोबाइल फोन के सुरक्षित, सीमित और उद्देश्यपूर्ण उपयोग पर भी विशेष रूप से मार्गदर्शन किया।
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संस्था के सदस्य कपिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री विश्वामित्र शिक्षण संस्थान दिव्यांग बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें निजी क्षेत्र की कंपनियों में प्लेसमेंट दिलाने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। इस दिशा में एसबीआई फाउंडेशन की भूमिका अत्यंत सराहनीय है, जो अपने सीएसआर दायित्वों के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सामाजिक कार्य कर रहा है। फाउंडेशन का उद्देश्य वंचित और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए संस्था के सभी दिव्यांग विद्यार्थियों को डिजिटल और साइबर जागरूकता से जोड़ने के लिए दामोदर विरमाल को आमंत्रित किया गया। बच्चों ने सत्र के दौरान सक्रिय सहभागिता करते हुए सोशल मीडिया के फायदे–नुकसान, ऑनलाइन ठगी, फर्जी प्रोफाइल, डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे और व्यवहारिक समाधान प्राप्त किए।
गौरतलब है कि दामोदर विरमाल विगत कई वर्षों से अपनी सामाजिक संस्था विद्यांजलि भारत मंच के माध्यम से देशभर में जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वे स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ, सोसायटी और कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच दो घंटे के विशेष सत्रों के माध्यम से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसे और सत्र आयोजित किए जाने की मांग की। आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि सही मार्गदर्शन और संवेदनशील प्रयासों से दिव्यांग बच्चों को भी आत्मनिर्भर और डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।








