
गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय के बेटे और रिश्तेदारों पर जमीन हड़पने के आरोप लगे हैं। एसडीएम के निर्देश पर चकबंदी विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
- शिकायत पर चकबंदी विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची
- पीड़ित ने गाली-गलौज और धमकी लगाने का आरोप लगाया
- विधायक अरविंद पांडेय ने आरोपों को बताया साजिश
- जमीन की हदबंदी कर दस्तावेजों की जांच जारी
ऊधम सिंह नगर। गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विधायक अरविंद पांडेय के बेटे समेत उनके अन्य रिश्तेदारों पर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा के निर्देश पर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
रविवार को चकबंदी विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विवादित भूमि की हदबंदी व दस्तावेजी स्थिति की जांच की। अधिकारियों ने जमीन की वास्तविक सीमाएं निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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मोहल्ला रामभवन निवासी मुकुल गोयल ने शनिवार को एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि चार जनवरी को मुंडिया पिस्तौर स्थित उनके प्लॉट पर विधायक के बेटे और अन्य रिश्तेदार पहुंचे और वहां रखा सामान भरने लगे। पीड़ित के अनुसार विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मामले को गंभीर बताते हुए मुकुल गोयल ने रविवार शाम कोतवाली में भी तहरीर सौंपी। पुलिस द्वारा मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अरविंद पांडेय ने इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को भाग्यविधाता समझकर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगवा रहे हैं। विधायक ने यह भी दावा किया कि इस तरह के और मामले सामने आ सकते हैं और उन्होंने सभी आरोपों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा जा चुका है।
फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और चकबंदी विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।





