
आत्मविश्वास ही वह शक्ति है जो इंसान को हर परिस्थिति से लड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। साथ ही प्रेम, स्नेह और रिश्तों का सम्मान करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सच्ची सफलता प्राप्त करता है।
- खुद पर विश्वास ही आगे बढ़ने की राह
- आत्मविश्वास से ही जीवन की चुनौतियों पर विजय
- रिश्तों और सफलता में विश्वास का महत्व
- प्रेम, स्नेह और आत्मबल से मिलती है तरक्की
सुनील कुमार माथुर
जिस तरह डाल पर बैठा पंछी डाल टूटने पर नहीं डरता है, चूँकि उसे अपने पंखों पर पूरा विश्वास होता है, ठीक उसी तरह इंसान को भी हर परिस्थिति में अपने आप पर विश्वास रखना चाहिए। आत्मविश्वास हमें हर परिस्थिति से निपटने के लिए एक नई सोच व राह दिखाता है। आत्मविश्वास ही हमारी पूंजी है, इसलिए अपने आप पर विश्वास रखिए और इसे कभी भी टूटने मत दीजिए। आपका विश्वास ही आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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आज के इस प्रतिस्पर्धा के युग में वे लोग ही आगे बढ़ते हैं जिनमें दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति होती है और वे अपने काम पर विश्वास करते हैं, चूँकि हमारा कर्म ही हमारी पूजा है। जो व्यक्ति अपने आप पर विश्वास रखते हैं, परमात्मा भी उनका साथ देते हैं। जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन इंसान को कभी भी घबराना नहीं चाहिए। जो परिस्थितियों से समय रहते निपट जाता है, जीवन में वही लोग आगे बढ़ पाते हैं।
कहा जाता है कि पेड़ की टहनियों पर जरूरत से अधिक फल लग जाते हैं, तब वे डालियों को तोड़ देते हैं। ठीक उसी प्रकार जिसे उसकी औकात से अधिक धन-दौलत, प्यार व स्नेह मिलता है, वे अपने मधुर रिश्तों तक को तोड़ देते हैं, लेकिन हमें इससे दूर रहना चाहिए। हमारा आपसी प्रेम और स्नेह ही हमें आगे बढ़ने में मदद करता है। जीवन में तरक्की उसी को मिलती है जो सबको साथ लेकर चलता है और सभी का मान-सम्मान करता है। ऐसे लोगों के साथ परमात्मा का भी साथ होता है। यही वजह है कि वे हर परिस्थिति में सफलता हासिल कर लेते हैं।
रिश्तों को कभी भी दौलत की निगाह से मत देखना, चूँकि साथ निभाने वाले लोग अक्सर गरीब ही होते हैं। लेकिन हम वर्तमान समय में देख रहे हैं कि अमीर अमीर से ही दोस्ती निभा रहा है और गरीब को उपेक्षित नजरों से देख रहा है, भले ही वह उसका अपना खून ही क्यों न हो। दोस्ती व रिश्तों को धन-दौलत से न तौलें, अपितु प्यार व स्नेह की भाषा से निभाएँ। जहाँ अपनापन है वहीं अपना है और जहाँ नफरत का भाव है वहाँ अपना भी पराया हो जाता है। इसलिए हमेशा सभी से प्यार के साथ संबंध बनाए रखें।
सुनील कुमार माथुर
सदस्य अणुव्रत लेखक मंच, (स्वतंत्र लेखक व पत्रकार) जोधपुर, राजस्थान







