
काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच में एसआईटी ने गांव पैगा पहुंचकर मृतक के परिजनों के विस्तृत बयान दोबारा दर्ज किए। टीम आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों और संभावित दबावों की गहराई से जांच कर रही है।
- चंपावत एसपी अजय गणपति के नेतृत्व में गांव पहुंची एसआईटी
- आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों पर परिजनों से गहन पूछताछ
- काठगोदाम होटल से जुड़े साक्ष्यों की भी हो रही जांच
- पहले भी दर्ज हो चुके हैं परिवार के बयान, अब दोबारा पूछताछ
ऊधम सिंह नगर। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच को और तेज करते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोमवार को मृतक के गांव पैगा पहुंची। चंपावत के पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मृतक के परिजनों के अलग-अलग और विस्तृत बयान दोबारा दर्ज किए। इस दौरान जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
एसआईटी टीम रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव पहुंची, जिसके बाद गांव में हलचल मच गई। टीम में एसपी चंपावत अजय गणपति के साथ सीओ टनकपुर वंदना वर्मा, इंस्पेक्टर दीवान सिंह बिष्ट और एसआई मनीष खत्री शामिल रहे। अधिकारियों ने परिजनों से आत्महत्या से पहले के हालात, पारिवारिक स्थिति, आर्थिक दबाव और किसी संभावित मानसिक या सामाजिक तनाव को लेकर विस्तार से पूछताछ की।
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इससे पहले शनिवार को भी एसआईटी ने परिवार के प्रत्येक सदस्य के बयान दर्ज किए थे। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे भी जांच के सिलसिले में काठगोदाम पहुंचे थे, जहां उन्होंने उस होटल का निरीक्षण किया, जहां सुखवंत सिंह ने आत्महत्या की थी। होटल से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाने के बाद आईजी ने काशीपुर पहुंचकर परिजनों से भी बातचीत की थी।
गौरतलब है कि आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने 10–11 जनवरी की देर रात नैनीताल जिले के काठगोदाम स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। यह मामला सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश और संवेदनशील माहौल बना हुआ है।
एसआईटी आत्महत्या के कारणों की हर पहलू से निष्पक्ष जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह आत्महत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई दबाव या साजिश थी या नहीं।





