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डीडीहाट क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने इंटर कॉलेजों का भ्रमण कर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस पहल से छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रमों, करियर अवसरों और परीक्षा तनाव से निपटने की स्पष्ट दिशा मिली।
- स्नातकोत्तर महाविद्यालय डीडीहाट ने चलाया नामांकन जागरूकता अभियान
- कक्षा 11–12 के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, छात्रवृत्ति और करियर की दी जानकारी
- परीक्षा तनाव प्रबंधन कार्यक्रम से छात्रों को मिला मानसिक संबल
- ग्रामीण और पर्वतीय छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में सार्थक प्रयास
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। उच्च शिक्षा के प्रचार-प्रसार और महाविद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायण नगर, डीडीहाट द्वारा एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की गई है। इस अभियान के तहत महाविद्यालय के प्राध्यापकों की एक टीम ने क्षेत्र के विभिन्न इंटर कॉलेजों का भ्रमण कर कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
इस क्रम में प्राध्यापकों ने राजकीय इंटर कॉलेज नारायण नगर, शिखर इंटर कॉलेज और ग्लोरियल इंटर कॉलेज सहित अन्य शिक्षण संस्थानों का दौरा किया। वहां विद्यार्थियों और प्रधानाचार्यों से संवाद स्थापित कर उच्च शिक्षा के महत्व, स्नातक स्तर पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों, भविष्य में मिलने वाले करियर अवसरों, छात्रवृत्तियों और वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। छात्रों को यह भी बताया गया कि उच्च शिक्षा किस प्रकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर भविष्य की दिशा देने में सहायक हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बी.ए. और बी.एससी. जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में रुचि दिखाई। विद्यार्थियों ने कहा कि इस पहल से उन्हें आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर स्पष्टता मिली है तथा आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसी अभियान के अंतर्गत डॉ. विवेक आर्य, सहायक प्राध्यापक (मनोविज्ञान) द्वारा शिखर इंटर कॉलेज और ग्लोरियल इंटर कॉलेज, डीडीहाट में परीक्षा तनाव प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों को परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव को समझने और उससे निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और उन्हें मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महाविद्यालय में रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और भौतिक विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं, जिससे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलता है। इसके अलावा विज्ञान और मानविकी संकाय के लिए कुशल, अनुभवी और तकनीकी रूप से दक्ष प्राध्यापक न केवल पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं, बल्कि शोध, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर उन्मुख मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।
इस पूरे प्रेरणादायक कार्यक्रम की रूपरेखा महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रेमलता कुमारी के सशक्त निर्देशन में तैयार की गई, जिनके मार्गदर्शन में यह पहल निरंतर सफलता की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम में डॉ. विवेक आर्य (सहायक प्राध्यापक, मनोविज्ञान), डॉ. दिनेश कुमार (सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान), डॉ. कुन्दन प्रसाद (सहायक प्राध्यापक, रसायन विज्ञान), डॉ. मनीष नेगी (सहायक प्राध्यापक, गणित) और श्री शुभम सिंह (सहायक प्राध्यापक, भौतिक विज्ञान) ने विद्यार्थियों से परीक्षाओं, भविष्य की चुनौतियों और उच्च शिक्षा के अवसरों पर खुलकर संवाद किया।
कुल मिलाकर यह अभियान न केवल छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक करने का माध्यम बना, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी जगाने में सफल रहा।








