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ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर दून इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने रचनात्मक सहभागिता की। प्रतियोगिता में 26 छात्रों को पुरस्कार देकर ऊर्जा संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
- जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत छात्रों में ऊर्जा संरक्षण को लेकर बढ़ी जागरूकता
- सीएसआईआर-आईआईपी की पहल से स्कूलों में वैज्ञानिक सोच को मिला प्रोत्साहन
- दो वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखायी रचनात्मक प्रतिभा
- पुरस्कृत पोस्टर आगामी पीटीएम में प्रदर्शित किए जाएंगे
देहरादून। ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर दून इंटरनेशनल स्कूल सीनियर विंग में ऊर्जा संरक्षण विषय पर एक भव्य पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के ‘जिज्ञासा’ कार्यक्रम के अंतर्गत सीएसआईआर–भारतीय पेट्रोलियम संस्थान तथा सोसाइटी फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड एग्री के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में दून घाटी के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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इस अवसर पर कुल 26 छात्रों को उनकी उत्कृष्ट रचनात्मकता और विषयगत समझ के आधार पर आकर्षक पुरस्कार, स्मृति चिह्न (मोमेंटो) और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सतत विकास से जुड़े विचारों के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएसआईआर–भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने पुरस्कार वितरण के उपरांत अपने ओजस्वी संबोधन में छात्रों को ऊर्जा के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में ऊर्जा संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के युग में ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन दो वर्गों में किया गया, जिसमें पहले वर्ग में कक्षा 6 से 8 तक तथा दूसरे वर्ग में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डीएवी कॉलेज के प्रोफेसर हरिओम शंकर, एसजीआरआर यूनिवर्सिटी की डॉ. नेहा सक्सेना तथा दून इंटरनेशनल स्कूल की सुश्री अनीता देवी शामिल रहीं, जिन्होंने विजेताओं के नामों की घोषणा की।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश बर्थवाल द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी संस्थानों, अतिथियों और प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। यह भी बताया गया कि प्रतियोगिता में पुरस्कृत छात्रों की कलाकृतियों को आगामी अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के दौरान विद्यालय परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन स्कूल समन्वयक सुश्री काजल क्षेत्री ने किया। इस अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. कुँवर राज अस्थाना, जिज्ञासा कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. आरती सहित टीम के सदस्य डॉ. ज्योति पोरवाल, डॉ. कमल कुमार, अंजलि भटनागर, सपना पैन्यूली, संजय कुमार, गोकुल कुमार और पंकज भास्कर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई।







