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उत्तराखंड में गृह विभाग ने 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव में तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह और कारागार की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय कार्यों में भी परिवर्तन किया गया।
- आईपीएस तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह और कारागार जिम्मेदारी, एसपी फायर सर्विस भी सौंपी गई
- विम्मी सचदेवा से मुख्यालय का चार्ज हटाया गया, प्रोविजनिंग एवं मॉडर्नाइजेशन बरकरार
- आईजी कृष्ण कुमार से सीआईडी हटाकर आईजी अरुण मोहन जोशी को दी गई जिम्मेदारी
- अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के जिम्मेदारी में बदलाव; पुलिस दूरसंचार, जीआरपी, पीएसी और एसडीआरएफ की नई तैनाती
देहरादून | उत्तराखंड गृह विभाग ने 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों का आदेश जारी किया है, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय कार्यभार में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस आदेश के तहत आईपीएस तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह और कारागार का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें एसपी फायर सर्विस की जिम्मेदारी भी दी गई।
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सचिव गृह शैलेश बगौली के निर्देशानुसार, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विम्मी सचदेवा रमन से मुख्यालय का चार्ज हटाया गया है, जबकि उनका प्रोविजनिंग एवं मॉडर्नाइजेशन कार्य बरकरार रखा गया है। पीएसी में तैनात आईपीएस नीरू गर्ग को आईजी फायर सर्विस की जिम्मेदारी दी गई है।
आईजी कृष्ण कुमार वीके से सीआईडी की जिम्मेदारी हटाकर आईजी अरुण मोहन जोशी को सौंपी गई है, जबकि कृष्ण के पास केवल पुलिस दूरसंचार रहेगा। आईजी मुख्तार मोहसिन को फायर सर्विस से हटाकर जीएपी (जेल प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है। आईजी करन सिंह नगन्याल को आईजी कारागार बनाया गया है। आईपीएस नीलेश आनंद भरणे से पीएसी की जिम्मेदारी हटाई गई, जबकि आईपीएस सुनील कुमार मीणा से जीआरपी की जिम्मेदारी हटा दी गई है।
इसके अतिरिक्त, आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत को आईजी कार्मिक के साथ मुख्यालय का कार्यभार दिया गया है। डीआईजी निवेदिता कुकरेती से फायर सर्विस हटाकर उन्हें एसडीआरएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, आईपीएस यशवंत सिंह को सेनानायक आईआरबी प्रथम रामनगर, आईपीएस रामचंद्र राजगुरु को एसपी पुलिस मुख्यालय, आईपीएस सरिता डोबाल को एसपी एटीएस, और आईपीएस हरीश वर्मा को सेनानायक, 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार की जिम्मेदारी दी गई है।
इस तबादला सूची से राज्य पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों और कार्यभार में संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि संचालन और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके।





