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उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक और धार्मिक स्थलों पर 228 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं। कैंचीधाम में नया पैदल पुल और जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड के निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए हैं।
- श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कैंचीधाम में नया इंफ्रास्ट्रक्चर
- वाइब्रेंट विलेज जादूंग को मिलेगा फेस्टिव ग्राउंड, सीमांत पर्यटन को बढ़ावा
- जागेश्वर से माणा तक विकास कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश
- भूमि अधिग्रहण और श्रमिक संख्या बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस
देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने तेज़ी दिखाई है। नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां एक नया पैदल पुल बनाया जाएगा, जबकि उत्तरकाशी जिले के सीमावर्ती गांव जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड का निर्माण शीघ्र किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं सहित राज्य के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर कुल 228 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य प्रगति पर हैं।
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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में चल रहे विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कैंचीधाम और जादूंग में संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि यदि कार्यों की गति बढ़ाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता हो, तो इसमें कोई देरी न की जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कैंचीधाम के अलावा जागेश्वर धाम, महासू देवता, जादूंग, माणा, नीती और टिम्मरसैंण महादेव जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं, पहुंच मार्गों और आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाने के लिए 228 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी कार्य निर्धारित समय-सीमा से पीछे न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक परियोजना के लिए कार्य प्रारंभ होने से लेकर उसके हर चरण की समाप्ति तक की स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए एक विस्तृत चार्ट तैयार किया जाए, जिससे प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में होने वाली देरी विकास कार्यों की गति को प्रभावित करती है, इसलिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। बैठक में पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि सीमांत और धार्मिक क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।





