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मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने रुद्रपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के कार्यों की समीक्षा करते हुए समयबद्धता, गुणवत्ता और साप्ताहिक मॉनिटरिंग को अनिवार्य किया। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को अगले सत्र से शुरू करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को श्रमिक बढ़ाकर कार्य गति तेज करने के निर्देश दिए गए।
- निर्माण कार्यों की टाइमलाइन तय, हर 15 दिन प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य
- जून 2026 तक एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल व लेक्चर थिएटर पूरा करने के आदेश
- सीडीओ ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया
- मेडिकल कॉलेज प्राचार्य व सीएमओ को साप्ताहिक मॉनिटरिंग के निर्देश
रूद्रपुर। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने विकास भवन कार्यालय में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे अगले शैक्षणिक सत्र से हर हाल में प्रारंभ करना है। ऐसे में कार्यदायी संस्था को समुचित कार्य-टाइमलाइन तैयार कर उसी के अनुसार सभी निर्माण गतिविधियों को निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा।
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समीक्षा बैठक के दौरान सीडीओ ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की प्रगति से जुड़ी जानकारी हर पंद्रह दिनों में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, मुख्य चिकित्साधिकारी और पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक को प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि निर्माण गति में कोई बाधा न आए और प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके। सीडीओ ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रमुख निर्माण पूरे हो सकें।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जून 2026 तक ब्लॉक ‘ए’ में एकेडमिक ब्लॉक, दोनों हॉस्टल, लेक्चर थिएटर, मैस तथा डाइनिंग हॉल किसी भी स्थिति में पूर्ण कर दिए जाएं। इन सभी भवनों में विद्युत प्रणाली, लिफ्ट, आंतरिक स्थापना सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी समय पर कार्यान्वित किया जाए। यह इसलिए जरूरी है ताकि नेशनल मेडिकल काउंसिल का निरीक्षण कराकर आगामी सत्र के लिए कॉलेज का संचालन औपचारिक रूप से शुरू किया जा सके।
समीक्षा बैठक के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने पेयजल निगम, मेडिकल कॉलेज और मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ निर्माणाधीन परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और निर्माण में गति बनाए रखने के निर्देश दिए। सीडीओ ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रतिदिन कार्य प्रगति की निगरानी करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि परियोजना पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. पाल, पेयजल निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक नरेन्द्र नवानी, सहायक अभियंता सुभाष चन्द्र भट्ट, अपर सहायक अभियंता रंजीत आर्या तथा कांट्रेक्टर एवं अन्य तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे। यह पूरी प्रक्रिया दर्शाती है कि जिला प्रशासन मेडिकल कॉलेज निर्माण को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहा है, ताकि क्षेत्र को अत्याधुनिक चिकित्सा शिक्षा व सेवाओं की सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जा सके।





