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जिले में बेरोजगार युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने के लिए वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के साक्षात्कार सम्पन्न हुए। समिति ने आवेदकों की पात्रता, भूमि, अनुभव और कार्यक्षेत्र की विस्तृत जांच कर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
- युवाओं को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने के लिए प्रशासन की पहल
- जिला स्तरीय स्क्रीनिंग समिति के सामने छह आवेदन प्रस्तुत
- वाहन व गैर-वाहन मद में आठ आवेदकों को ऋण स्वीकृत
- सीडीओ ने बैंकों को समयबद्ध ऋण वितरण के निर्देश दिए
रूद्रपुर। बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं—जैसे वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास योजना (होमस्टे)—के तहत आज विकास भवन सभागार में चयन प्रक्रिया से जुड़े साक्षात्कार सम्पन्न किए गए। इन साक्षात्कारों की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युवा उद्यमियों को पर्यटन क्षेत्र में अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है और इसी दिशा में योजनाओं की पारदर्शी स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा रही है।
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साक्षात्कार के दौरान जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट ने समिति के समक्ष वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत प्राप्त चार आवेदन और दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के दो आवेदन प्रस्तुत किए। समिति ने प्रत्येक आवेदक से उनके व्यावसायिक कौशल, प्रस्तावित कार्यक्षेत्र, आवश्यक भूमि की उपलब्धता, अनुभव तथा परियोजना की व्यवहार्यता को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों का कहना था कि सभी आवेदनों की जांच निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत की गई है, ताकि पात्र युवा योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में वाहन मद में सात और गैर-वाहन मद में पाँच युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष पूर्व में वाहन श्रेणी में कुल 11 तथा गैर-वाहन श्रेणी में 2 आवेदन विभिन्न बैंकों को वित्तपोषण हेतु भेजे गए थे। इनमें से बैंकों ने वाहन मद में सात तथा गैर-वाहन मद में एक, इस प्रकार कुल आठ आवेदनों पर ऋण स्वीकृत कर उन्हें लाभ प्रदान किया है। दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना में चार का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके अनुरूप एक आवेदन बैंक को भेजा गया है, जिस पर अभी प्रक्रिया गतिमान है।
सीडीओ दिवेश शाशनी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को समिति द्वारा स्वीकृत सभी आवेदन शीघ्र संबंधित बैंकों को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आवेदकों द्वारा होमस्टे हेतु भवन निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है, उनके नाम पर भूमि का विधिवत दर्ज होना आवश्यक है और यदि भूमि प्राधिकरण क्षेत्र में आती है, तो भवन का नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। सीडीओ ने बैंकों को निर्देशित किया कि वे आवेदकों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराएं तथा यदि कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए, ताकि युवाओं को प्रक्रिया की पारदर्शिता समझ आ सके।
उन्होंने पर्यटन विभाग को रोजगारपरक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इन योजनाओं के बारे में जानकारी मिले और वे इसका लाभ उठा सकें। साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान समिति में जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट, लीड बैंक अधिकारी चिराग पटेल, डीडीएम नाबार्ड राजीव प्रियदर्शी, प्रबंधक उद्योग योगिता जोशी और सहायक अभियंता जिला विकास प्राधिकरण कैलाश डंगवाल उपस्थित रहे।





