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बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा, जिसके चलते हल्द्वानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। 29 हेक्टेयर जमीन और 4365 घरों के भविष्य पर आने वाला यह फैसला पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और सतर्कता का माहौल पैदा कर रहा है।
- बनभूलपुरा में तगड़ी सुरक्षा: सुबह छह बजे से एंट्री के लिए लोकल आईडी अनिवार्य
- रेलवे बनाम स्थानीय आबादी: 29 हेक्टेयर भूमि विवाद की जड़ तक कैसे पहुँचा मामला
- स्कूल–स्टेडियम बंद, रास्ते सील: फैसले से पहले प्रशासन ने कसा शिकंजा
- 800 से अधिक जवान, PAC की तीन कंपनियां तैनात: जिला प्रशासन ने जमीन–स्तर पर संभाली कमान
बनभूलपुरा। बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद की आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई को लेकर हल्द्वानी में जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। फैसले के पहले ही शहर के संवेदनशील इलाकों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रत्येक मार्ग, मोड़ और चौराहे पर बैरिकेडिंग, चेकिंग और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि बुधवार सुबह छह बजे से बिना लोकल आईडी के किसी भी व्यक्ति को बनभूलपुरा क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।
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यह फैसला 29 हेक्टेयर रेलवे भूमि और 4365 घरों पर बसे हजारों लोगों की किस्मत तय करेगा। पिछले वर्ष अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई हिंसा के बाद प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बेहद सख़्त रुख अपनाए हुए है। इसीलिए पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, PAC कंपनियां, फायर यूनिट, टियर गैस यूनिट और ड्रोन निगरानी तैनात कर दी गई है। खुफिया विभाग भी जमीन पर सक्रिय होकर हर गतिविधि की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंचा रहा है।
सुनवाई और फैसले की पृष्ठभूमि
मामले की शुरुआत तब हुई जब रेलवे ने बनभूलपुरा की गफूर बस्ती, इंदिरा नगर, नई बस्ती और पटरियों के आसपास की करीब 29 हेक्टेयर भूमि को अपना बताते हुए इसे अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की। स्थानीय लोगों का दावा है कि वे यहां 40–50 साल से रह रहे हैं। 2022 में हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी द्वारा दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसकी अगली सुनवाई और संभावित फैसला आज होना है। पहले यह सुनवाई 2 दिसंबर को निर्धारित थी, लेकिन समयाभाव के कारण इसे 10 दिसंबर के लिए स्थगित कर दिया गया था। आज दोपहर बाद इस पर सुनवाई होगी और संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतिम निर्णय दे दे।
प्रशासनिक सख्ती और सुरक्षा
हल्द्वानी में बनाए गए सुरक्षा तंत्र में तीन एएसपी, चार सीओ, 12 थानाध्यक्ष, 45 एसआई/एएसआई, 400 से अधिक पुलिसकर्मी और PAC की तीन कंपनियां शामिल हैं। साथ ही फायर यूनिट, ड्रोन और टियर गैस दस्ते को भी तैनात किया गया है। मंगलवार को एसपी सिटी मनोज कत्याल ने रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफ किया और संवेदनशील इलाकों का फ्लैग मार्च कराया। पुलिस की यह तैयारी संभावित विरोध, तनाव और अफवाहों को रोकने के लिए की गई है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और किसी भी तरह की गलत बयानबाजी या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने से बचें। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
यदि तनाव बढ़ा तो प्रवेश पूरी तरह बंद
सुरक्षा के लिहाज से बनभूलपुरा जाने वाले सभी मार्गों को सील कर दिया गया है। गौलापार, चोरगलिया, सितारगंज और टनकपुर की ओर जाने वाले लोगों के लिए नए डायवर्ट रूट जारी कर दिए गए हैं। तीनपानी से गौला बाईपास होकर ही अब वाहनों का आवागमन हो सकेगा।
स्कूल और स्टेडियम भी बंद
फैसले से पहले तनाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बुधवार के लिए बंद कर दिया है। बसों से आने–जाने वाले बच्चों को भी अवकाश दिया गया है क्योंकि ट्रैफिक रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार भी बुधवार को खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए बंद रहेगा। सुरक्षा कारणों से यह निर्णय खेल विभाग द्वारा लिया गया है।
20 लोग पाबंद, 15 गिरफ्तार
बनभूलपुरा क्षेत्र में संभावित अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिम सहित 20 लोगों को पाबंद किया गया है। मौलाना से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूछताछ कर चुकी हैं। इसके अलावा मंगलवार देर शाम तक पुलिस ने 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पिछले वर्ष बनभूलपुरा हिंसा के आरोपी भी शामिल हैं।





