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इस नश्वर संसार में इस जीवन का क्या भरोसा—कब परमात्मा के यहाँ से बुलावा आ जाए। इसलिए जब तक हैं, तब तक प्रेम, स्नेह, धैर्य, सहनशीलता, त्याग की भावना और विश्वास के साथ रहें। कभी किसी का भरोसा न तोड़ें।
सुनील कुमार माथुर
सदस्य अणुव्रत लेखक मंच (स्वतंत्र लेखक व पत्रकार) जोधपुर, राजस्थान
कहते हैं कि जब कोई कार्य इच्छा के अनुसार नहीं होता है तो क्रोध बढ़ता है और इच्छा के अनुसार होता है तो लोभ बढ़ता है। इसलिए इंसान को हर परिस्थिति में समान रूप से रहना चाहिए। जब हम मन लगाकर निष्ठा पूर्वक कार्य करते हैं तो उसमें सफलता अवश्य ही मिलती है, और जहाँ कार्य के प्रति अरुचि, बेमन से कार्य करना या कार्य के प्रति लापरवाही होती है, वहाँ नुकसान, हानि व असफलता मिलना स्वाभाविक ही है।
जिस प्रकार एक वृक्ष की खूबसूरती उसके पुष्प और पत्रों से झलकती है, ठीक उसी प्रकार इंसान की खूबसूरती उसके आचरण और सद्व्यवहार से झलकती है। इसलिए हमेशा मुस्कुराते हुए सभी के साथ सद्व्यवहार करें। कभी किसी के साथ कटु व्यवहार न करें। गाली-गलौज न करें। मारपीट और हिंसा से दूर रहें। जब भी किसी के साथ व्यवहार करें, तब ऐसा व्यवहार करें जैसा आप दूसरों से अपने प्रति चाहते हों।
इस नश्वर संसार में इस जीवन का क्या भरोसा—कब परमात्मा के यहाँ से बुलावा आ जाए। इसलिए जब तक हैं, तब तक प्रेम, स्नेह, धैर्य, सहनशीलता, त्याग की भावना और विश्वास के साथ रहें। कभी किसी का भरोसा न तोड़ें। वैसे भी कहा जाता है कि संबंध बिगाड़ने में एक पल की देरी लगती है और संबंध बनाने में कई बार पूरी जिंदगी भी कम पड़ जाती है।








