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उत्तराखंड में दिन की धूप राहत दे रही है, लेकिन रातें तेजी से ठंडी होती जा रही हैं। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
- पहाड़ों में आज बदलेगा मौसम, ऊपरी इलाकों में हिमपात की संभावना
- देहरादून में पारा लुढ़का, मैदानी जिलों में बढ़ी ठिठुरन
- उत्तराखंड में तापमान गिरा, पहाड़ी जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार
- राज्य में बढ़ी सर्दी, 3200 मीटर से ऊपर हिमपात का अनुमान
देहरादून। उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से मौसम का रुख लगातार बदल रहा है। दिन के समय धूप के कारण लोगों को ठंड से आंशिक राहत मिल रही है, लेकिन जैसे ही सूर्यास्त होता है, तापमान तेजी से नीचे आने लगता है। देहरादून सहित राज्य के मैदानी हिस्सों में रातें अधिक सर्द होती जा रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी देहरादून में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है और लोगों को अतिरिक्त सावधानियां बरतनी पड़ रही हैं।
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शनिवार का दिन देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में धूप से भरा रहा, लेकिन सुबह और शाम की ठिठुरन ने लोगों को ठंड की वास्तविक तीव्रता का एहसास कराया। रात के समय कई स्थानों पर पाला गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिससे ठंड का असर और अधिक गहरा गया। प्रदेश में मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना हुआ है, लेकिन तापमान के उतार-चढ़ाव के चलते सर्दी का असर तेज हो गया है। अधिकतम तापमान जहां सामान्य या उससे थोड़ा अधिक बना हुआ है, वहीं न्यूनतम तापमान लगातार नीचे जा रहा है, जो आने वाले दिनों में ठिठुरन में और इजाफा कर सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को पर्वतीय जिलों में मौसम के करवट लेने की संभावना जताई है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है, जबकि 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात की संभावना व्यक्त की गई है। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा ठंड का प्रकोप गहरा सकता है।
चमोली जिले के बदरीनाथ धाम क्षेत्र में पहले से ही कई स्थानों पर बर्फ की पतली परत जम चुकी है, जिससे मौसम की मार और स्पष्ट दिखाई देने लगी है। स्थानीय प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जबकि मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि अचानक मौसम बदलने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मैदानी जिलों — विशेषकर ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून — में हालांकि बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज होने की आशंका है। इससे सुबह-शाम की ठंड और बढ़ेगी। ऊधम सिंह नगर में तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस मौसम के औसत से काफी कम है।
मुक्तेश्वर, नई टिहरी सहित पहाड़ी शहरों में भी तापमान तेजी से गिर रहा है और रातें पहले की तुलना में अधिक ठंडी हो चुकी हैं। मुक्तेश्वर का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री और नई टिहरी का 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो आने वाली तीखी सर्दी का संकेत है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़ों, हीटर्स और सुरक्षित आवागमन की तैयारी रखनी चाहिए। राज्य की जलवायु परिस्थिति फिलहाल पूरी तरह सर्द हवाओं के प्रभाव में है, और आने वाले सप्ताह में पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक सर्दी का असर और तेज होने की संभावना दिख रही है।





