
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक घटना घटी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला कार्यवाह राहुल जोशी के 24 वर्षीय बेटे सजल जोशी ने अपने ही कमरे में चाकू से गला रेतकर आत्महत्या कर ली। परिजन जब तक उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से न केवल परिवार बल्कि पूरे हल्द्वानी शहर और आरएसएस से जुड़े लोग गहरे सदमे में हैं।
बीमारियों से परेशान होकर उठाया कदम
पुलिस के अनुसार सजल जोशी बीते कुछ समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इस मानसिक दबाव और शारीरिक पीड़ा से परेशान होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे अपने यूट्यूब चैनल व इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी बीमारियों से बेहद त्रस्त हैं और यही उनके आत्महत्या करने का कारण है।
पढ़ाई और खेलों में होनहार था सजल
सजल जोशी ने बीबीए की पढ़ाई की थी और वह टेबल टेनिस का एक अच्छा खिलाड़ी माना जाता था। पिता राहुल जोशी शहर के प्रमुख व्यवसायी और संघ के जिला कार्यवाह हैं, जबकि मां गढ़वाल के गोपेश्वर कॉलेज में प्रोफेसर हैं। परिवार सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में काफी प्रतिष्ठित माना जाता है।
लेकिन इन सबके बावजूद सजल की निजी जिंदगी में बीमारी और मानसिक दबाव ने गहरी चोट पहुंचाई।
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घटना का क्रम
सोमवार शाम करीब चार बजे सजल अपने कमरे में अकेला था। इसी दौरान उसने वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया और तुरंत बाद कमरे में ही चाकू से गला रेत लिया। कुछ देर बाद जब परिवारजन कमरे में पहुंचे तो उन्हें घटना का पता चला। वे तुरंत उसे सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने सजल को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है और वीडियो से यह स्पष्ट हो रहा है कि वह बीमारियों से परेशान था। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिवार और शहर में शोक का माहौल
जैसे ही भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को खबर मिली, अस्पताल और मोर्चरी में भीड़ जुट गई। हर कोई स्तब्ध और शोकाकुल नजर आया। पिता राहुल जोशी की आंखों में आंसू देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे और उन्हें ढांढ़स बंधाने की कोशिश करते रहे।
मोर्चरी के बाहर गमगीन माहौल रहा, जहां बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ खड़े दिखाई दिए।
समाज में गूंज और सवाल
यह घटना एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि मानसिक स्वास्थ्य और बीमारियों के कारण युवा किस कदर तनावग्रस्त हो रहे हैं। पढ़ाई और खेलों में होनहार माने जाने वाले सजल का इस तरह जीवन समाप्त कर लेना परिवार और समाज दोनों के लिए एक बड़ी त्रासदी है।







