
अंकित तिवारी
डोईवाला: देशभर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवमी तिथि पर भक्तों ने विशेष पूजा-अनुष्ठानों के साथ देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर उन्हें देवी का रूप मानते हुए ससम्मान भोजन करवाया। घर-घर में हवन, मंत्रोच्चार और माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर माँ दुर्गा से सम्पूर्ण जगत के कल्याण की कामना की। जगह-जगह सामूहिक अनुष्ठानों में भक्तों ने माँ जगदम्बा से प्रार्थना की कि वे अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें और सभी के जीवन को सुख, शांति एवं आरोग्यता से परिपूर्ण करें।
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विभिन्न धार्मिक स्थलों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया और भक्ति गीतों के साथ आरती सम्पन्न की गई। महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक परिधान में नवरात्रि की रस्मों को निभाते हुए माँ के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की।
धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ कई स्थानों पर कन्याओं को वस्त्र, उपहार व दक्षिणा प्रदान की गई। समाज के विभिन्न वर्गों ने सेवा और सहयोग की भावना के साथ इस पर्व को मनाया। यह पर्व नारी शक्ति के प्रति सम्मान और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरा।
माँ दुर्गा के भक्तों की यह आस्था यही संकेत देती है कि भारतीय संस्कृति में धर्म, सेवा और नारी शक्ति की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है। नवरात्रि के इस पावन पर्व ने पुनः एक बार जनमानस को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया।





