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जन्मदिन विशेष : निष्पक्ष पत्रकारिता के धनी हैं ‘राज शेखर भट्ट’, इस वर्ष 8 जून को आपके पिता स्वर्गीय चन्द्र शेखर भट्ट जी का जन्म दिन था उसी दिन 8 जून को सुबह 2 बजकर 12 मिनट पर आपकी पुत्री का जन्म हुआ जिसने लक्ष्मी के रूप में आपके घर में पदार्पण किया… #सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)
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आजादी के वक्त की पत्रकारिता मिशनरी पत्रकारिता थी। चूंकि हमारे आजादी के दीवाने न केवल भारत माता को अंग्रेजी दासता से मुक्त ही कराना चाहते थे अपितु देश कि जनता में आजादी का शंखनाद फूंकना भी था। इस वजह से उन पर दौहरी जिम्मेदारी थी। हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था और इसी अगस्त माह की 22 अगस्त को आजादी की वर्षगांठ वाले माह में पत्रकार चन्द्र शेखर भट्ट के यहां राज शेखर भट्ट का जन्म हुआ।
चन्द्र शेखर भट्ट एक निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार के साथ एक आदर्श शिक्षक भी थे। इसलिए राज शेखर भट्ट को बचपन में ही आदर्श संस्कार प्राप्त हुए। स्वर्गीय पत्रकार चन्द्र शेखर भट्ट के आदर्श पद चिन्हों पर चलते हुए राज शेखर भट्ट ने भी पत्रकारिता के व्यवसाय को चुना और निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता कर रहे हैं। राजशेखर की पत्रकारिता मिशनरी पत्रकारिता हैं।
वे समाज की हर ज्वलंत समस्याओं को उजागर करने में कभी पीछे नहीं रहते हैं। उनके लिखे सम्पादकीय सटीक व चिंतन-मनन योग्य होते हैं। उसमें तनिक भी लाग लपेट नहीं होती है, अपितु कटु सत्य होता हैं। आज देश में बडे-बडे समाचार पत्र विज्ञापन पाने के लिए पीत पत्रकारिता कर रहे हैं। इसके बावजूद भी राज शेखर भट्ट अपने रचनात्मक मिशन पर चल रहे हैं एवं पीत पत्रकारिता से कोसो दूर हैं।
शेखर ने सदैव नये लेखकों व पत्रकारिता में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रोत्साहन दिया और आज भी दे रहे हैं। उन्होंने हमेशा देवभूमि समाचार पत्र के पटल पर व इंडियन आईडल पत्रिका मे़ पाठकों को व रचनाकारों को गौरवमय स्थान दिया व विभिन्न विषयों पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उसी के साथ ही साथ समय समय पर उनका हौसला अफजाई किया।

पत्रकार राज शेखर भट्ट का जीवन एक खुली किताब हैं। उन्हें पत्रकारिता के अलावा गीत संगीत, भ्रमण, नित नये प्रयोग करने का भी शौक है। अपने साथी मित्रों के बीच हंसी-मजाक भी करते रहते हैं तो शंका का समाधान भी करने से नहीं हिचकिचाते हैं। रचनाकारों का मार्गदर्शन कर उन्हें एक नई दशा और दिशा प्रदान करते हैं।
वे पत्रकारिता के जरिए समाज की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं, जो अतुल्यनीय हैं। उनकी कार्यशैली, व्यवहार कुशलता, सकारात्मक सोच, नेतृत्व व संगठन निर्माण की क्षमता, दूरदर्शिता, समर्पण का भाव वंदनीय और सराहनीय है। उनकी सादगी, शालीनता, सहृदयता व सहिष्णुता वास्तव में हमें उनके साथ कार्य करने के लिए सतत प्रेरित करती हैं।
चूंकि हम भाग्यशाली हैं कि हमें उनका सानिध्य प्राप्त हुआ है। यही वजह है कि जो व्यक्ति एक बार राज शेखर भट्ट के संपर्क में आ जाता है तो वह सदा उनका होकर रह जाता हैं। वे जितने सिनेमा प्रेमी है उतना ही साहित्य प्रेमी भी हैं। वर्ष 2023 राज शेखर भट्ट के लिए एक चमत्कार लेकर आया।
इस वर्ष 8 जून को आपके पिता स्वर्गीय चन्द्र शेखर भट्ट जी का जन्म दिन था, उसी दिन 8 जून को सुबह 2 बजकर 12 मिनट पर आपकी पुत्री का जन्म हुआ जिसने लक्ष्मी के रूप में आपके घर में पदार्पण किया, जो ईश्वर की कृपा ही कहा जा सकता हैं। 8 जून 1961 को आपके पिताजी का जन्म हुआ और उसी तारीख को आपकी पुत्री का जन्म होना यह साबित करता है कि आप पर ईश्वर की व पितरों की कृपा सदैव बनी रही है।
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पत्रकार राज शेखर भट्ट अपने पत्रकारिता के मिशन मे सदैव कामयाब हो। यही हमारी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं है।
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सच्चे और निर्भीक पत्रकारों की आज के माहौल में अत्यधिक महत्व है । भट्ट साहब ने बहुत ही अच्छा काम किया है । बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
Congratulations sir