
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में एफएसएसआई द्वारा सर्विलांस कार्यक्रम के अंतर्गत खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा शनिवार को जनपद के विभिन्न दुकानों से दालों एवं खाद्य तेलों के नमूने एकत्रित किए गए तथा जांच हेतु एफएसएसआई की एनएबीएल विश्लेषण शालाओं को भेज दिया गया है।
अभिहीत अधिकारी मनोज कुमार सेमवाल ने अवगत कराया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली की ओर से सैंपलर व खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत सिंह चैहान के नेतृत्व में उनकी संयुक्त टीम द्वारा 10 खाद्य नमूने विभिन्न दालों (अरहर, चना, उड़द साबूत, मूंग साबूत, चना साबूत, हरी मटर, राजमा, लोबिया सफेद व मसूर) तथा सरसों व सोयाबीन रिफाइंड तेल के नमूने एकत्रि किए गए। बताया कि उक्त खाद्य पदार्थों की जांच हेतु विश्लेषण शालाओं में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जांच आख्या जल्दी ही उपलब्ध हो जाएगी तथा जिन नमूनों की रिपोर्ट अवमानक प्राप्त होगी उनकी पुनः सैंपलिंग की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि दाल गरीब व मध्य वर्गीय लोगों के प्रोटीन का मुख्य स्रोत है। दालों में विभिन्न प्रकार की मिलावट की संभावना बनी रहती है।
कंकड-पत्थर, खरपतवारों के बीज, दालों से मिलती जुलती खेसारी दाल, घुन व कीड़े लगी दाल, खतरनाक सिंथेटिक रंगा व पालिसों का प्रयोग को रोके जाने के लिए एफएसएसआई द्वारा इस माह (अगस्त) सर्विलांस कार्यक्रम चलाया जा रहा है।




