
राजीव कुमार झा
भिखारी ठाकुर भोजपुरी भाषा के सबसे महान लेखक माने जाते हैं और उन्होंने इस भाषा और इसके साहित्य को गरिमा प्रदान की! इनका जन्म 18 दिसंबर 1887 को हुआ था और 10 जुलाई 1971 ई .को इनका देहान्त हुआ सात. आज उनकी पुण्यतिथि है!
भिखारी ठाकुर के ज़माने में नाटकों का खूब चलन था और इनकी नाट्य लेखन में खूब अभिरुचि थी इसलिए इन्होंने भोजपुरी में नाट्य लेखन शुरू किया और अपनी रंगटोली भी बनाई ! इसमें अभिनेता के रूप में वह खुद भी काम करते थे!
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भोजपुरी अंचल में भिखारी ठाकुर को लोककलाकार के रूप में काफी प्रसिद्धि मिली और उनके नाटक बिदेशिया , गोबरघिचोर और गंगा स्नान के अलावा बेटीबेचुआ को दर्शकों ने खूब देखा और सराहा!
भिखारी ठाकुर ग्रामीण कलाकर थे किन्तु उनके नाटकों में हास्य व्यंग्य शैली में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया गया है ! सामाजिक जीवन की अच्छी। बातों का इनमें चित्रण है!
आज इनकी पुण्यतिथि पर आइये हम अपना श्रद्धासुमन इन्हें अर्पित करें!
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »राजीव कुमार झाकवि एवं लेखकAddress »इंदुपुर, पोस्ट बड़हिया, जिला लखीसराय (बिहार) | Mob : 6206756085Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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