
पिथौरागढ। लगातार बढ़ती प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने के लिए वृहद स्तर पर लोगों को प्रशिक्षित और जागरूक करने की आवश्यकता है। दुर्भाग्य से ऐसे लोगों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का काम सौंपा जा रहा है जिनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही प्रशिक्षित और अनुभवी प्रशिक्षक।
उत्तराखंड जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक गणेश मर्तोलिया ने इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एण्ड एक्सप्लोरर्स ‘आइस’ द्वारा आयोजित 12 दिवसीय आपदा मित्र अद्यतनिकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ आपदा के बाद आपदा प्रबंधन को लेकर सरकारें संवेदनशील तो बनी हैं लेकिन अभी भी आपदा के क्षेत्र में अनुभवी और उच्च प्रशिक्षित संस्थाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन का काम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आपदा मित्र का प्रशिक्षण शिविर में आपदा प्रबंधन पर कई महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
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इस दौरान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और भारतीय पर्वतारोहण संस्थान से प्रशिक्षित और आपदा राहत कार्यों के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित विश्वदेव पांडेय ‘बासू’, चंचल प्रसाद, मुकेश गिरी, लोकेश पवार, आइस संस्था अध्यक्ष जगदीश कलौनी ने श्री मर्तोलिया को स्मृतिचिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस शिविर में बागेश्वर जनपद के 25 युवक युवतियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।






