
बदायूं | बदायूं जिले के ककराला से एक हैरान कर देने वाला प्रकरण समाने आया है जहाँ एक युवक ने सोशल मीडिया पर पुलिस और स्थानीय नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से धमकी दी। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अब तक उसकी लोकेशन उतनी सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
वायरल वीडियो और धमकी का संक्षिप्त घटनाक्रम
ककराला निवासी तस्लीम नामक युवक ने इंस्टाग्राम पर एक धमकी भरा वीडियो अपलोड किया था, जो कुछ घंटों में वायरल हो गया। वीडियो में तस्लीम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी उसने बताया — विशेषकर ककराला चौकी पर तैनात एक सिपाही और क्षेत्र के कुछ लोग — उन्हें वह सबक सिखाएगा। उसने यह भी कहा कि जिन लोगों ने उसके पिता और भाई को दो साल पहले एक मामले में जेल भेजवाया था, वे दंड भुगतेंगे; वह उन्हें “उड़ा” देगा (भयंकर शब्दावली का प्रयोग)।
वीडियो के वायरल होते ही ककराला पुलिस हरकत में आ गई। इंस्टाग्राम पोस्ट की जानकारी मिलने पर पुलिस ने वीडियो की सत्यता जाँची और उसके आधार पर आरोपित युवक की तलाश शुरू की।
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पीछे की कहानी — परिवारिक विवाद और पुराना मामला
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार दो साल पहले ककराला थाने में दर्ज एक मामले में तस्लीम के पिता और भाई को आरोपी मानकर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस पुराने केस और पारिवारिक कड़वाहट को तस्लीम ने अपना कारण बताया माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी ‘खुन्नस’ (बेचैनी/नाराज़गी) ने एक महीने पहले सोशल मीडिया पर यह आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कराने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
ककराला थाना तथा बदायूं पुलिस ने वीडियो के वायरल होते ही मामला दर्ज कर लिया है और खोजबीन तेज कर दी है। इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने पुष्टि की कि:
- तस्लीम ने लगभग एक माह पहले ही वीडियो पोस्ट किया था।
- उसकी लोकेशन ट्रेस करने पर कुछ स्थान मिले, परन्तु अभी उसका ठोस पता नहीं चल पाया है।
- मिली-झुली सूचनाओं के अनुसार वह संभवतः हैदराबाद में कहीं ठहरे होने का संकेत मिला है; इस सूचना की सत्यापित जांच जारी है।
पुलिस ने कहा है कि मामला गंभीर है क्योंकि सार्वजनिक रूप से सरकारी अधिकारी व स्थानीय प्रतिनिधियों को धमकी देना कानून की परिभाषा में आता है और यह शांति भंग करने वाला कृत्य माना जाता है। इसलिए आरोपी पर आपराधिक धमकी, विचलित करने का प्रयत्न, तथा सामाजिक शांति भंग करने से जुड़े प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया और स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ आईं। कुछ नाबालिग केवल ‘विडम्बना’ व ‘साहस’ के रूप में वीडियो का समर्थन कर रहे थे, जबकि अधिकांश उपयोगकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से हथियार उठाने या धमकी देने की निंदा की। स्थानीय नागरिकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस से त्वरित कार्रवाही की अपील की है ताकि किसी तरह की अनिश्चयता या कानून-व्यवस्था भंग न हो।
कई ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे कृत्यों से इलाके की शांति और सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, और सरकार व पुलिस के ऊपर भरोसा बनाए रखना आवश्यक है। कुछ परिचितों ने यह भी कहा कि घटना का मूल कारण पारिवारिक मुकाबला और न्यायिक निष्पादन से जुड़ी पुरानी मनमुटाव है, जो अब उग्र रूप ले चुका है।
कानूनी निहितार्थ और संभावित धाराएँ
कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रूप से किसी सरकारी अधिकारी या नागरिक को जान से मारने की धमकी देना अपराध है। संभावित धाराएँ जिनके तहत मामला दर्ज हो सकता है, उनमें शामिल हैं:
- IPC की संबंधित सेक्शन जो धमकी और सार्वजनिक शांति भंग से संबंधित हैं।
- IT एक्ट के प्रावधान, क्योंकि दुष्प्रचार/धमकी वाला कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है।
- यदि मामला तनाव बढ़ाने का प्रयास माना गया तो सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी अन्य धाराएँ भी लागू की जा सकती हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोप सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और डिजिटल प्रमाण (वीडियो पोस्ट, अकाउंट लॉग्स, IP लोकेशन) का इस्तेमाल केस की मजबूती के लिए किया जाएगा।
पुलिस की अपील और आगे की रणनीति
ककराला थाना ने स्थानीय जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों को पनपने न देने का अनुरोध किया है। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी के पास आरोपी की लोकेशन या उसके बारे में उपयोगी जानकारी हो तो वह तुरंत थाने को सूचित करे। पुलिस ने पत्रकारों से भी अपील की है कि वे जांच के दौरान फैलाई जा रही झूठी जानकारियों का प्रसार न करें। इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने बताया कि टीम हैदराबाद और अन्य संभावित ठिकानों से भी समन्वय कर रही है और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी का प्रयास सफल किया जाएगा।







