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स्कूल में सिनेमा का उद्देश्य छात्रों के जीवन में आम मुद्दों को जीवंत करना… इस कार्यक्रम में जाने माने सिने एक्टिविस्ट और नवारूण के प्रकाशक संजय जोशी,डॉक्यूमैंट्री मेकर फातिमा और युवा सिनेमा एक्टिविस्ट कृति अटवाल ने इस अभियान से जुड़े अनुभव शिक्षकों के साथ बांटे।
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शैक्षिक दखल की ओर से स्थानीय शिक्षकों के साथ सिनेमा इन स्कूल पर एक संवाद आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अजीम प्रेमजी के सभागार में आयोजित हुआ। उल्लेखनीय है कि “स्कूल में सिनेमा” एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा में सिनेमा के माध्यम का उपयोग करना है।
बच्चों के पाठ्यक्रम में जिन मुद्दों पर बात की जाती है, उनको फिल्मों के माध्यम से छात्रों के सामने जीवंत किया जाता है। शिक्षार्थियों और युवाओं में आलोचनात्मक सोच पैदा करना इस पहल का हिस्सा है। इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य स्कूलों या बच्चों को विश्व सिनेमा और बच्चों की फिल्में उपलब्ध कराना भी है।
इस कार्यक्रम में जाने माने सिने एक्टिविस्ट और नवारूण के प्रकाशक संजय जोशी,डॉक्यूमैंट्री मेकर फातिमा और युवा सिनेमा एक्टिविस्ट कृति अटवाल ने इस अभियान से जुड़े अनुभव शिक्षकों के साथ बांटे। शिक्षकों ने इस अभियान को स्कूलों तक पहुंचाने हेतु अपने सुझाव दिए।
इस अवसर पर चिंतामणि जोशी,रमेश जोशी,किशोर पाटनी, दीपक कुमार,राम सिंह गैंडा,महेश पुनेठा, इस्लाम हुसैन,अमित दुबे,सुरेंद्र धामी, कौशल पंत,विनोद उप्रेती, विजय कुमार आदि ने अपने विचार रखे।
स्कूल में सिनेमा का उद्देश्य छात्रों के जीवन में आम मुद्दों को जीवंत करना… इस कार्यक्रम में जाने माने सिने एक्टिविस्ट और नवारूण के प्रकाशक संजय जोशी,डॉक्यूमैंट्री मेकर फातिमा और युवा सिनेमा एक्टिविस्ट कृति अटवाल ने इस अभियान से जुड़े अनुभव शिक्षकों के साथ बांटे। pic.twitter.com/f1KtnUkDj5
— देवभूमि समाचार (@devsamachar) May 23, 2024
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