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मगध विश्वविद्यालय कुलपति से आज तक उनके आदेश का या कोई भी निर्णय को मगध के सभी जिलों के कॉलेज प्राचार्य संज्ञान में नहीं लेते हैं जो बहुत बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण की बात है। # संवाददाता अशोक शर्मा
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गया, बिहार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दक्षिण बिहार के प्रदेश सह मंत्री मंतोष सुमन ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार होगा कि समस्या छुपाने के लिये छात्र छात्रों को बरगलाया जा रहा है,कुछ परीक्षा-परिणाम देकर कुलपति अपने आप को छात्रों का मसीहा बनने और बनाने का प्रयास उनके दलाल कर रहे है,जिसको अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विफल करते आ रही है.
छात्र मुद्दे पर हुई वार्ता को जबरदस्ती जान बूझकर वीसी के द्वारा विफल किया गया,क्योंकि अभाविप का मांग जायज था,जो कि पूरा करने में कोई कठिनाई नही हो रही थी,सिर्फ अपने दम्भ में आकर वाईस चांसलर ने मांग को नही माना, समस्त छात्र समुदाय में वीसी के खिलाफ आक्रोश है,चाहे गया,, जहांनाबाद, नवादा, बोधगया, अरवल, टेकरी, शेरघाटी सहित तमाम कॉलेज के छात्र वाईस चांसलर के कार्यपद्धति पर मायूस और गुस्सा है.
चाहे एससी-एसटी का मामला हो,सामान्य छात्र का समस्या हो सब पर चुप्पी साधे हुए है,यहाँ तक कि छात्रों से 600 रुपये प्रोस्पेक्टस के नाम पर लिया जा रहा है,न तो विश्वविद्यालय में आजतक मेडिकल कैम्प लगा ,न तो कॉलेज में आज तक पूरे कोर्स के शिक्षक है,न कि प्रोफेसर है,लेकिन फी में सब इन्क्लुद रहता है। वही बोधगया जिला सयोंजक अमन शेखर ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय कैम्पस में आने वाले अन्य जिलों से छात्र-छात्रा के लिए पीने का पेयजल का भी कोई सुविधा कहीं नहीं,
कॉमन बाथरूम में गंदगी रहती है, यह बात काफी दिनों से मगध विश्वविद्यालय कुलपति के संज्ञान में है। मगध विश्वविद्यालय की स्थिति काफी जर्जर है। सिर्फ मगध विश्वविद्यालय के कुलपति अपने माध्यम से मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेज के प्राचार्य से कुछ ना कुछ नाजायज शुल्क का उगाही करवाते हैं। जिससे बेचारे आम छात्र आज भी प्रवेश परीक्षा परिणाम में व्याप्त भ्रष्टाचार से जुझते रहते हैं।
मगध विश्वविद्यालय कुलपति से आज तक उनके आदेश का या कोई भी निर्णय को मगध के सभी जिलों के कॉलेज प्राचार्य संज्ञान में नहीं लेते हैं जो बहुत बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण की बात है। अगर यही रवैया कुलपति का रहा तो आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन जिसमे सभी जिले के छात्र सम्मिलित होकर करेंगे और बात को सड़क से लेकर सदन तक जायेगी।







